
राजपुर। शासकीय योजना के तहत् सब्सिडी से खेत मरम्मत एवं नहर निर्माण का कार्य करने के नाम से प्रार्थी से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रार्थी प्रेम साय पिता स्व० अमर साय, जाति गोड़, उम्र 62 वर्ष, निवासी ग्राम बादा, चौकी बरियों में रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 07/04/2026 को लगभग 11:00 बजे एक पल्सर मोटर सायकल में 02 लोग ग्राम बादा मेरे घर में आकर प्रार्थी को बताये की शासकीय योजना के तहत् सब्सिडी में खेत मरम्मत एवं नहर निर्माण का कार्य करने के संबंध में बताने पर प्रार्थी अपना खेत के किनारे नहर निर्माण के संबंध में उन्हे बताया था और अपना खेत दिखाया था उसी समय अनावेदकगण प्रार्थी का मोबाईल नंबर लिये थे अगले दिन दिनांक 08/04/2026 के दोपहर में प्रार्थी के खेत किनारे नहर निर्माण कार्य के लिये जेसीबी लगाकर वह अपने मोबाईल से संर्पक कर प्रार्थी को बताये की आपके खेत में नहर निर्माण कार्य चालू हो गया है। सूचना मिलने पर जब प्रार्थी अपने खेत के पास गया तो जेसीबी से निर्माण कार्य शूरू हो गया था वही पर प्रार्थी से संपर्क करने वाला व्यक्ति खड़ा था। जो अपने आप को मुंशी बता रहा था। वह प्रार्थी को बताने लगा कि हमारे मैनेजर आपकी जाति के हैं सुनकर वहा पर उपस्थित मैनेजर से उसका नाम पूछा तो वह अपना नाम राम सिंह मरावी बताया वहा पर कुल 04 लोग उपस्थित थे जिसमें से जेसीबी में ड्राईवर और हेल्फर तथा उसके अलावा मुंशी और मैनेजर भी साथ में थे जेसीबी आपरेटर बताया कि मशीन खराब हो गया है। कहकर मशीन को धीरे धीरे ग्राम बादा के पंचायत भवन के पास लाकर खड़ा कर दिया। रात्रि में मैकेनिक आकर जेसीबी मशीन को आकर बनाया और सुबह में फिर से काम खेत में शुरू कर दिये। अगले दिन दिनांक 09/04/2026 को मैनेजर प्रार्थी को बताया कि शासकीय योजना के तहत् मरम्मत का काम में टेन्डर पास कराने के लिये 05 लाख 50 हजार रूपये जमा करना पड़ेगा काम पूरा होने के बाद 05 लाख रूपये का छूट करा दिया जायेगा मुझे अपना खेत किनारे नहर का कार्य जल्दी कराना था और सबसीडी मिल रहा था इसलिए मैने उनकी बात मान ली। तब मैनेजर बोला कि हमारे बड़े अधिकारी आये हुए हैं। उनसे आपको मिलाते हैं। कहकर मैनेजर और उसका साथी अपने पल्सर मोटर सायकल में प्रार्थी को बरियों की ओर अपने अधिकारी से मिलाने के लिये लाये और ग्राम बादा परसोनिया घाट के पास आर्टिका कार में बैठे बड़े अधिकारी (मंजूर खान) से मिलवाये जो सब्सिडी के बारे में समझाये और टेंडर पास कराने के लिए साढे पांच लाख रूपये की मांग किये तब प्रार्थी बोला कि मेरे पास नगद नहीं है बैंक जाना पड़ेगा तब प्रार्थी को मैनेजर (अंजूर खान) और मुस्लिम दोनों मोटर सायकल से लेकर अंबिकापुर सेन्ट्रल बैंक गये जहां प्रार्थी के द्वारा चेक के माध्यम से 05 लाख 50 हजार रूपये निकाल कर मैनेजर (अंजूर खान) को दे दिया तब मैनेजर (अंजूर खान) के द्वारा प्रार्थी को बोला गया कि ऑफिस से रसीद लेकर आ रहे है इंतजार करिए बोलकर चले गये। कुछ घण्टे बाद जब मैं उनके मोबाईल नंबर पर संपर्क किया तो नंबर बंद बता रहा था गांव में पता किया तो जेसीबी मशीन भी खेत से चला गया था। प्रार्थी से नहर निर्माण व सब्सिडी के नाम पर कुल साढे पांच लाख रूपये की ठगी किया गया है।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर चौकी बरियों में धारा 318(2), 318(4),61 (2) भा. न्या. सं का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। विवेचना दौरान सायबर सेल के माध्यम से आरोपीगण की पता तलाश हेतु पुलिस टीम गठित कर फतेहपुर बाराबंकी उतरप्रदेश खाना किया गया था, जहां पुलिस टीम के द्वारा आरोपी 01. अंजूर खान पिता अबरार खान उम्र 42 वर्ष निवासी नालापार दक्षिणी फतेहपुर थाना फतेहपुर जिला बाराबंकी उ०प्र० 02. अमीन खान पिता ताज मोहम्मद उम्र 45 वर्ष निवासी नालापार दक्षिणी फतेहपुर थाना फतेहपुर जिला बाराबंकी उ०प्र०, ०३. मंजूर खान पिता अबरार खान उम्र 55 वर्ष निवासी नालापार दक्षिणी फतेहपुर थाना फतेहपुर जिला बाराबंकी उ०प्र० एवं एक नग पल्सर मो.सा. को चौकी लाया गया। आरोपियों से पुछताछ करने पर उसने अपना जुर्म करना स्वीकार करने पर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।



