November 5, 2026 |

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समूह की महिलाएं बना रही हर्बल गुलाल,फूलों से तैयार कर कर रही स्व रोजगार,,,पर्यावरण संरक्षण के साथ आय संवर्धन की दिशा में पहल…

बलरामपुर। रंगों का पावन पर्व होली इस बार जिले में कुछ खास होने जा रहा है। जहां जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत भनौरा के गंगा महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक हर्बल गुलाल तैयार कर स्ऑल कर बिक्री कर रही हैं।
       समूह में 11 सदस्य हैं, महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं का मानना है कि पारंपरिक विधि से बनाए गए प्राकृतिक गुलाल से न केवल त्वचा सुरक्षित रहती है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी पूरी तरह अनुकूल है। महिलाओं ने बताया कि गुलाल बनाने की पूरी प्रक्रिया प्राकृतिक है। इसे तैयार करने में फूलों, सब्जियों का उपयोग किया जाता है, जिससे यह त्वचा के लिए सुरक्षित और लाभकारी होता है। विभिन्न रंगों के लिए प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है। गुलाबी रंग हेतु चुकंदर एवं गुलाब की पंखुड़ियां, पीले रंग के लिए हल्दी एवं गेंदे के फूल, हरे रंग के लिए पालक, नीले रंग के लिए अपराजिता के फूल तथा लाल रंग के लिए टेसू के फूलों का प्रयोग किया जा रहा है।
        जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से तैयार किया जा रहा यह हर्बल गुलाल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समूह की महिलाओं ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से ईको-फ्रेंडली हर्बल गुलाल बनाने का कार्य कर रही हैं। महिलाओं ने कहा कि रासायनिक रंगों की तुलना में प्राकृतिक गुलाल पूरी तरह सुरक्षित होता है तथा इसके उपयोग से स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता और स्थानीय बाजार में इसकी अच्छी मांग है। उन्होंने जिला प्रशासन के प्रति आभार भी व्यक्त किया है।

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