November 2, 2026 |

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शासकीय लरंग साय पीजी महावि‌द्यालय रामानुजगंज के प्रभारी प्राचार्य की मनमानी,,,भेदभाव पक्षपात एवं नियम विरुद्ध कार्य से कंप्यूटर विज्ञान प्राध्यापक का भविष्य बर्बाद !

बलरामपुर। शासकीय लरंग साय पी० जी० महाविद्यालय रामानुजगंज जिला बलरामपुर रामानुजगंज के प्रभारी प्राचार्य रोस लिली बड़ा मैडम आए दिन सुर्खियों में रहती है उनकी तानाशाही व्यवहार अव्यावहारिक नियम मानसिक प्रताड़ना पक्षपात पूर्ण व्यवहार शासन के नियम विरुद्ध कार्य भर्ती प्रकिया में पक्षपात जनभागीदारी प्रबंधन समिति के राशि का दुरुपयोग आदि कार्य करना उनकी दैनिक जीवन में शामिल हो गया है। उनके पास न तो कोई प्रशासनिक ज्ञान है और नहीं अनुभव जिसके कारण जिले के अग्रणी महावि‌द्यालय का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। हाल ही में दिनांक 14/7/2025 को पत्र क्रमांक 247/स्था0/2025 रामानुजगंज के तहत स्व वित्तीय योजना के तहत कंप्यूटर शिक्षक की विज्ञापन निकला गया जिसके भर्ती प्रक्रिया में घोर लापरवाही बरती गई और नियम विरुद्ध मनमानी तरीके से नियुक्ति किया गया। न तो मेरिट सूची बताई गई न तो चयन सूची कितने लोगों का साक्षात्कार लिया गया कब लिया गया कितने उपस्थित थे किसी प्रकार का कोई जानकारी नहीं दिया गया साथ ही किसी प्रकार की जानकारी पूछने पर गुमराह करने की कोशिश की गई। चयन समिति के संयोजक रमेश कुमार खैरवार जो स्वयंभू प्राचार्य बने हुए है नियमों को ताक में रखकर मनमानी से नियुक्ति कर दिया। पूर्व में कंप्यूटर शिक्षक के रूप कार्यरत पंकज विश्वकर्मा को सिर्फ इस आधार पर प्राचार्य द्वारा हटा दिया गया की उन्होंने प्राचार्य की मनमानी उनकी नियम विरुद्ध कार्य तानाशाही व्यवहार का विरोध किया था। प्राचार्य मैडम केवल उन्हीं का समर्थन करती है जो उनके लिए खाना बनके दे उनका व्यक्तिगत कार्य करे उनको गाड़ी में बैठा कर लाए घुमाए। जो वर्तमान में सहायक प्राध्यापक रमेश खैरवार दीपिका रजवाड़े द्वारा किया जा रहा है। प्राचार्य द्वारा जब अतिथि सहायक शिक्षण अंग्रेजी के मैडम द्वारा अवकाश में जाने पर महाविद्यालय में कार्यरत अतिथि व्याख्याता इतिहास आदित्य कुमार दास के बहन प्रियंका दास को नियुक्ति देकर प्रत्येक कालखंड 400 के दर से पेमेंट कर जनभागीदारी समिति के राशि जो छात्र छात्राओं का होता है उसका दुरुपयोग किया का रहा है। जबकि अतिथि व्याख्याता पालिसी 2024 में अवकाश की अवधि में उसी विषय के प्रतिक्षा सूची के आवेदक का चयन करने का प्रावधान है लेकिन इन्होंने नियम के विरुद्ध कार्य कर नियुक्ति दिया गया है। साथ ही जब आरटीआई से जानकारी मांगा गया तब इन्होंने जवाब लिखित में दिया कि 16/05/2025 को जनभागीदारी प्रबंधन समिति के बैठक में अनुशंसा कर नियुक्ति की गई है जबकि कलेक्टर कार्यालय रामानुजगंज द्वारा 24/05/2025 को जनभागीदारी अध्यक्ष की नियुक्ति हुई है तथा जनभागीदारी प्रबंधन का गठन 3/07/2025 को हुई है तथा7/07/2025 को पहला बैठक हुआ है। इस प्रकार प्राचार्य द्वारा मनमाने तरीके नियम विरुद्ध नियुक्ति कर राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस संदर्भ में उच्चाधिकारी को भी आवेदन दिया जा चुका है। अतिथि व्याख्याता इतिहास आदित्य कुमार दास ने फर्जी तरीके से एम.फिल की डिग्री हासिल किया है आरटीआई से जानकारी से पता चला इस संदर्भ में भी प्राचार्य को ज्वाइन नहीं करने का आवेदन दिया गया लेकिन उनको लाभ दिलाने के कारण कुछ कार्यवाही नहीं किया है।

        महाविद्यालय में कार्यरत पवन सिंह अतिथि व्याख्याता वाणिज्य के द्वारा महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक जिनका आवास था वहां भी तोड़फोड़ किया गया इसकी शिकायत प्राचार्य से किया गया था लेकिन प्राचार्य के द्वारा उनका संरक्षण किया गया साथ ही इनके खिलाफ कई शिकायतें है परन्तु प्राचार्य के द्वारा आज भी संरक्षण दिया जा रहा है। वर्तमान में महाविद्यालय में इस प्रकार का माहौल बना हुआ है कि जो स्वयंभू प्राचार्य की बात मानेगा उसकी गुलामी करेगा वहीं प्राचार्य की नजर में अच्छा है।

        महाविद्यालय में इस प्रकार की गुटबाजी चल रही की पढ़ाई को छोड़ कर केवल अप्रिय गतिविधि होती है जिसमें कई अतिथि व्याख्याता भी शामिल है जिसका भी विरोध किया गया लेकिन प्राचार्य के चापलूसी करने के कारण अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुआ है। इसके पूर्व भी प्राचार्य पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगा हुआ है लेकिन जांच अधिकारी को पैसा की लालच एवम् अन्य माध्यम अपनाने के कारण इनके विरुद्ध में कार्यवाही नहीं हुई है ।

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