
बलरामपुर। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन तथा जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिलेभर में टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर संभावित मरीजों की पहचान एवं स्क्रीनिंग कर रही है।
जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित 100 दिवसीय विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अभियान के तहत अब तक जिले में 79 विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर 6,472 उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की जांच की गई है।जिनमें 2,752 पुरुष एवं 3,720 महिलाएं शामिल हैं। हैण्ड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से की गई जांच में 2,392 व्यक्तियों में असामान्यताएं पाई गई हैं, जिनकी आगे ट्रूनॉट मशीन से जांच कर टीबी की पुष्टि एवं उपचार की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। जिससे संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।
समय पर जांच और उपचार से टीबी का पूर्ण इलाज संभव :-
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खांसी, बलगम के साथ खांसी, खून आना, सीने में दर्द, अत्यधिक थकान, वजन घटना, भूख कम लगना अथवा लगातार बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो वे तत्काल अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। समय पर जांच एवं नियमित उपचार से टीबी का पूर्ण इलाज संभव है।
उल्लेखनीय है कि इस 100 दिवसीय विशेष अभियान का शुभारंभ 24 मार्च 2026 को विश्व क्षय दिवस के अवसर पर किया गया था। जिसके अंतर्गत टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के उद्देश्य से जिले के प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। और स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों से टीबी मुक्त बलरामपुर-रामानुजगंज का लक्ष्य साकार होने की ओर अग्रसर है।



