
बलरामपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु प्रथम चरण में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा के मार्गदर्शन में विशेष अभियान जिले के समस्त तहसीलों के ग्रामों में निर्धारित तिथियों के अनुसार राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है।
ग्राम स्तर पर शिविरों के आयोजन के साथ मौके पर हो रहा समाधान :-
राजस्व पखवाड़े के अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्रामों में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जहां अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन सहित अन्य राजस्व प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीणों तक उनके गांव में ही प्रशासन पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है।
मुनादी के माध्यम से किया जा रहा व्यापक प्रचार-प्रसार :-
कलेक्टर के मार्गदर्शन में राजस्व पखवाड़ा को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। ग्रामों में मुनादी कर आमजनों को शिविरों की जानकारी दी जा रही है। जिससे ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ी और वे बड़ी संख्या में शिविर स्थलों पर पहुंचकर अपनी समस्याएं संबंधित आवेदन दे रहे हैं।

आमजनों की उत्साहपूर्ण भागीदारी :-
राजस्व पखवाड़े में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। अब तक कुल 2025 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1197 आवेदनों का तत्काल निराकरण कर दिया गया। शेष 828 आवेदनों का भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रशासन की तत्परता एवं कार्यप्रणाली से आमजनों को त्वरित राहत मिल रही है।
विभिन्न प्रकार के आवेदनों का पंजीयन :-
शिविरों में प्राप्त आवेदनों में अविवादित नामांतरण के 409, अविवादित बंटवारा के 71, विवादित नामांतरण के 23, विवादित बंटवारा के 7, किसान किताब के 56, सीमांकन के 60, त्रुटि सुधार के 96, नक्शा बटांकन के 55, आरबीसी 6-4 के 9 आवेदन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आय प्रमाण पत्र के 296, जाति प्रमाण पत्र के 268, निवास प्रमाण पत्र के 307, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के 90 तथा अन्य 278 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से अधिकांश आवेदनों का निराकरण शिविर स्थल पर ही किया गया, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिली।
ग्रामीणों को समय और संसाधनों की बचत के साथ मिल रही राहत :-
राजस्व पखवाड़ा के माध्यम से आमजनों को काफी राहत मिल रही है। पहले जहां छोटे-छोटे कार्यों के लिए लोगों को बार-बार तहसील कार्यालय जाना पड़ता था, वहीं अब एक ही स्थान पर सभी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इससे समय की बचत हो रही है और शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
कलेक्टर राजेंद्र कटारा के निर्देशन में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा प्रत्येक आवेदक की समस्या को सुन कर गुणवतापूर्ण समाधान किया जा रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को त्वरित एवं संतोषजनक लाभ उपलब्ध कराने नियमित मॉनिटरिंग कर निराकरण की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जा रही हैं। आगामी दिनों में भी शेष आवेदनों का निराकरण किया जाएगा और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान का लाभ दिलाया जाएगा।



