September 27, 2026 |

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पक्की सड़कों ने बदली बलरामपुर के ग्रामीण जीवन की तस्वीर,,सड़कों के जरिये विकास की ओर बढ़ते कदम,,,प्रधानमंत्री की सोच और मुख्यमंत्री के संकल्प से गांवों तक पहुँच रहा विकास…

बलरामपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना बलरामपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में विकास की नई दास्तां लिख रही है। सड़कों के विस्तार से अब गांव-गांव तक शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार की नई संभावनाएँ आकार ले रही हैं।

           छत्तीसगढ़ के उत्तर अंचल में बसे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की पहचान आज सिर्फ इसके हरियाली जंगलों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से नहीं, बल्कि विकास की ओर तेजी से बढ़ते कदमों से भी होती है। यह परिवर्तन संभव हुआ है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से, जिसने ग्रामीण अंचलों को मुख्यधारा से जोड़कर नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

साल 2003-04 में शुरू हुई नई राह :-

राज्य गठन के उपरांत, वर्ष 2003-04 में जब अविभाजित सरगुजा जिले के अंतर्गत बलरामपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू हुई, तब कई गांव ऐसे थे जहाँ बरसात के दिनों में आना-जाना तक कठिन था। खेती की उपज बाजार तक पहुँचाना मुश्किल था, मरीजों को अस्पताल ले जाना चुनौतीपूर्ण था, और बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते थे। लेकिन 2012 में जिला बनने के पश्चात इस योजना में तेजी आई। जिले के 06 विकासखण्ड बलरामपुर, रामचन्द्रपुर, वाड्रफनगर, राजपुर, कुसमी एवं शंकरगढ़ के अंतर्गत स्वीकृत 331 सड़कों में से 330 सड़कों का निर्माण हुआ, जिसकी कुल लंबाई 1647.72 किलोमीटर है। इन सड़कों ने न सिर्फ मिट्टी और कच्चे रास्तों को पक्का रूप दिया, बल्कि गांवों के लोगों के जीवन की राह को आसान किया है। पक्की सड़कों के बनने से अब किसान अपनी उपज को आसानी से बाजार तक पहुंचा रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को सुरक्षित और समय पर पहुँचने की सुविधा मिली है। स्वास्थ्य सेवाएँ भी पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो गई हैं।

आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में फेस-4 : नई उम्मीदों की ओर :-

वर्तमान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेस-4 के अंतर्गत उन ग्रामों का चयन किया गया है, जहाँ अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। इन गांवों को अब बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम चरण में जिले के अंतर्गत 58 नई सड़कों का सर्वे पूर्ण कर डीपीआर तैयार किया गया है। अब इनकी स्वीकृति प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा और ये गांव विकास के पथ पर आगे बढ़ेगी।

      प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने बलरामपुर के ग्रामीण इलाकों में सड़के बनने से लोगों के जीवन को नई दिशा मिली है। अब गांवों के युवा शहरों से जुड़ रहे हैं, महिलाएँ आत्मनिर्भर हो रही हैं, और किसानों को अपनी मेहनत का पूरा मूल्य मिल रहा है। एक तरह से कहा जा सकता है कि जहाँ सड़क जाती है, वहाँ विकास अपने आप पहुँच जाता है।

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