
बलरामपुर। राज्य सरकार श्रमिक वर्ग के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक है मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना जिसके तहत पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु या दिव्यांग होने की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना ने ऐसे परिवारों को आर्थिक मदद देने के साथ उनको जीवन में फिर से खड़ा होने का हौसला दिया है।
विश्रामपुर की कनिका पात्र को मिला योजना का लाभ
विकासखंड बलरामपुर के ग्राम विश्रामनगर की निवासी कनिका पात्र को इस योजना के तहत 01 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। यह राशि उनके जीवन कनिका पात्र के बिखरे जीवन को संवारने के लिए संबल बनी। कनिका बताती हैं, जब मेरे पति का निधन हुआ, तो परिवार की जिम्मेदारियाँ का बोझ से हर दिन संघर्ष सा प्रतीत हो रहा था। पति की मृत्यु के बाद कनिका आर्थिक रूप से असहाय थीं। ऐसे कठिन समय में उन्हें श्रम विभाग के द्वारा मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना की जानकारी दी। विभाग के द्वारा आवेदन की प्रक्रिया में कनिका को मदद मिली और सभी औपचारिकताओं को पूरा करवाया। जल्द ही उन्हें राज्य शासन द्वारा 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। उन्होंने कहा सरकार की योजना ने मुझे जीने का हौसला दिया। कनिका की कहानी उन हजारों श्रमिक परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में संघर्ष कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि शासन और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से आज जनकल्याणकारी योजनाएँ गाँव-गाँव तक पहुँच रही हैं। शासन की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का परिणाम है कि कनिका जैसी जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सहायता मिल रही है। राज्य सरकार जनकल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सतत् प्रयासरत है।



