
बलरामपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले के 2376 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण पखवाड़ा 2026 के आठवें चरण का शुभारंभ किया गया। अभियान 09 से 23 अप्रैल 2026 तक संचालित होगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा प्रारंभिक बाल विकास के प्रति व्यापक जन-जागरूकता बढ़ाना एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
पोषण पखवाड़ा शुभारंभ दिवस पर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में वेबकास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में सहभागिता की गई। इस अवसर पर पोषण एवं बाल विकास के प्रति सामूहिक शपथ दिलाई गई तथा ईसीसीई गतिविधियों का आयोजन किया गया।

महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने बताया है कि अभियान के अंतर्गत जिले में पूर्व निर्धारित गतिविधि कैलेंडर के अनुसार प्रतिदिन विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें मातृ एवं शिशु पोषण पर जागरूकता शिविर, एनीमिया जांच एवं स्वास्थ्य परीक्षण, गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए परामर्श सत्र, पोषण रैली, गृह भ्रमण, सुपोषण चौपाल एवं सामुदायिक बैठकों का आयोजन प्रमुख रूप से शामिल है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षण गतिविधियां, स्थानीय संसाधनों से शैक्षणिक सामग्री निर्माण एवं सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
पोषण पखवाड़ा के दौरान नो स्क्रीन टाइम जैसे नवाचारों के माध्यम से बच्चों में मोबाइल एवं टीवी के अत्यधिक उपयोग को कम करने हेतु अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही पोषण वाटिका को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर पौष्टिक फल एवं सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। ग्राम सभाओं, स्कूलों एवं सामुदायिक मंचों के माध्यम से जनसंवाद स्थापित कर पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन को गति दी जाएगी।
अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर हितग्राहियों को पोषण, स्तनपान, पूरक आहार एवं स्वच्छता संबंधी जानकारी दी जाएगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पोषण पखवाड़ा 2026 कुपोषण उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और योगदान दें।



