
बलरामपुर। जिले में किसानों को शासन की डिजिटल कृषि सेवाओं से जोड़ने के लिए एग्रीस्टेक पंजीयन अभियान तेज गति से संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम गांव-गांव पहुंचकर किसानों का पंजीयन कर रही है। किसानों की सुविधा के लिए समिति, कॉमन सर्विस सेंटर तथा उचित मूल्य दुकानों में भी पंजीयन की व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।
क्या है एग्रीस्टेक पंजीयन, पोर्टल पर पंजीयन के फायदे
एग्रीस्टेक के माध्यम से प्रत्येक किसान की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान तैयार की जा रही है। एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसान आईडी बनवाने से किसानों को धान खरीदी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, किसान क्रेडिट कार्ड, उर्वरक अनुदान, प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि मशीनीकरण योजना एवं मुख्यमंत्री किसान सहायता योजना जैसी अनेक केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त होगा। साथ ही किसानों को बार-बार विभिन्न कार्यालयों में दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता भी काफी हद तक समाप्त होगी।
पंजीयन नहीं तो होंगी ये असुविधाएं
शासन की कृषि सेवाएं तेजी से डिजिटल प्रणाली से जुड़ रही हैं। ऐसे में समय पर एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं कराने वाले किसानों को भविष्य में खाद-बीज प्राप्त करने, धान खरीदी, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी पात्र किसानों से समय रहते अपना पंजीयन कराने की अपील की गई है।
एग्रीस्टेक पंजीयन कैसे कराएं किसान?
किसान अपने एग्रीस्टेक पंजीयन के लिए अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र, ग्राम पंचायत, संबंधित पटवारी, तहसील कार्यालय अथवा कृषि विभाग द्वारा लगाए जा रहे विशेष पंजीयन शिविरों में संपर्क कर सकते हैं। जिले में प्रशासन द्वारा गांव-गांव पहुंचकर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि किसानों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

एग्रीस्टेक पंजीयन में लगेंगे आवश्यक दस्तावेज, किसान स्वयं भी कर सकते हैं पंजीयन
पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, भू-अधिकार पत्र एवं ऋण पुस्तिका, बी-1 एवं खसरा, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो (यदि आवश्यक हो) के साथ अपना पंजीयन अवश्य करवाएं। किसान चाहें तो छत्तीसगढ़ के आधिकारिक पोर्टल https://cgfr.agristack.gov.in/farmer-registry-cg पर जाकर स्वयं भी अपना पंजीयन कर सकते हैं।
संयुक्त खाताधारकों के लिए अलग-अलग एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य
सभी किसानों एवं संयुक्त खाताधारकों को समय रहते अपना एग्रीस्टेक पंजीयन कराना है। यदि किसी ऋण पुस्तिका अथवा भूमि खाते में दो, तीन या चार व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं, तो सभी खाताधारकों का अलग-अलग एग्रीस्टेक पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। प्रत्येक खाताधारक को अपना व्यक्तिगत पंजीयन कराना आवश्यक है। इसी प्रकार यदि एक ही खाते में अलग-अलग किसानों के नाम से अलग-अलग खसरा नंबर दर्ज हैं, तो संबंधित सभी खाताधारकों को अपने-अपने संबंधित खसरा नंबर पर अलग-अलग एग्रीस्टेक पंजीयन कराना होगा।
पुराने पंजीकृत किसान भूमि, खसरा या अन्य विवरण में परिवर्तन होने पर कराएं संशोधन
पहले से एग्रीस्टेक में पंजीकृत किसान यदि उनके खसरा, भूमि, रकबा, नॉमिनी, बैंक खाते अथवा अन्य विवरण में कोई परिवर्तन हुआ है, तो वे इसी अवधि में आवश्यक संशोधन एवं खसरा मैपिंग करा सकते हैं। जिन किसानों का वर्ष 2025-26 में एग्रीस्टेक पंजीयन हो चुका है और उनकी एग्रीस्टेक आईडी बन चुकी है, उन्हें दोबारा नया पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे किसानों को केवल विवरण में परिवर्तन होने की स्थिति में ही संशोधन कराना होगा। यदि किसी किसान ने इस वर्ष नई भूमि खरीदी है, तो उसे केवल उस नई भूमि का खसरा मैपिंग कराना होगा। पूर्व में किया गया एग्रीस्टेक पंजीयन एवं आईडी पूर्ववत मान्य रहेगी।
नए किसानों के लिए एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य
नए किसानों को सबसे पहले एग्रीस्टेक पोर्टल पर नया पंजीयन कराना होगा। इसके बाद समिति में अपनी भूमि का खसरा मैपिंग कराना होगा। पंजीयन के दौरान किसान को अपना आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक खाते का विवरण, भूमि संबंधी दस्तावेज तथा नॉमिनी की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। सभी विवरणों के सत्यापन के बाद किसान की एग्रीस्टेक आईडी जारी की जाएगी।
क्या है बकेट क्लेम
ऐसे किसान जिनके पास एक से अधिक खसरा/खाता है, उनका समूह, जिन्हें बकेट के रूप में चिन्हांकित किया गया है। ऐसे किसानों को अपना एग्रीस्टेक में बकेट क्लेम करवाना अनिवार्य है। यदि कृषकों द्वारा अपना बकेट क्लेम सही से नहीं कराया जाता है, तो उन्हें धान विक्रय के समय परेशानी हो सकती है।
पंजीयन नहीं होने पर डिजिटल क्रॉप सर्वे से होंगे वंचित, धान विक्रय में होगी परेशानी
किसी किसान के द्वारा अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया जाता है तो आगामी 17 अगस्त से शुरू होने वाले डिजिटल क्रॉप सर्वे से वंचित रह जायेगा, जिस कारण भविष्य में अपना धान विक्रय नहीं कर पायेगा।
पंजीयन के लिए उचित मूल्य दुकानों में की गई व्यवस्था
एग्रीस्टेक पंजीयन हेतु शिविर सभी ग्रामों के विभिन्न स्थलों पर लग रहा है। किसानों की सुविधा के लिए उचित मूल्य दुकानों में भी व्यवस्था की गई है ताकि अपने राशन के साथ पंजीयन भी पूर्ण करा सकते हैं।
किसान स्वयं देख सकते हैं पंजीयन की स्थिति
एग्रीस्टेक की आईडी से ही पंजीयन की स्थिति जांची जा सकती है, जिसमें किसान स्वयं, सीएससी समिति, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा पटवारी के माध्यम से कर सकते हैं।
राजस्व अधिकारियों द्वारा लगातार मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। पंचायत स्तर पर विशेष व्यवस्था करते हुए टीमों द्वारा डोर-टू-डोर संपर्क कर अपंजीकृत किसानों को आवश्यक जानकारी दी जा रही है तथा जरूरी दस्तावेजों के साथ पंजीयन केंद्र तक पहुंचाकर उनका पंजीयन कराया जा रहा है। साथ ही शिविर के पूर्व मुनादी के माध्यम से पंजीयन के लिए किसानों एवं ग्रामीणों को सूचना दी जा रही है, ताकि कोई भी किसान एग्रीस्टेक पंजीयन से वंचित ना रहे।
प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे आधार कार्ड, मोबाइल नंबर एवं भूमि संबंधी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने निकटतम पंजीयन केंद्र पर पहुंचकर शीघ्र एग्रीस्टेक पंजीयन कराएं, ताकि भविष्य में कृषि योजनाओं एवं अन्य शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थानीय सीएससी सेंटर, सेवा सहकारी समिति एवं पटवारी कार्यालयों के माध्यम से भी निःशुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही https://cgfr.agristack.gov.in/ पर भी पंजीयन किया जा सकता है।



