वन अधिकार पट्टा के 37 हितग्राहियों के आवेदनों से दस्तावेज गोल,,ग्रामीणों ने बिटगार्ड पर लगाया आरोप,,एसडीएम को सौंपा ज्ञापन…

राजपुर। ग्राम पंचायत जिगड़ी के दर्जनों ग्रामीणों ने वन अधिकार पट्टा हेतु लगाए गए आवेदन में वन विभाग में पदस्थ बिट गार्ड द्वारा कागजो के गायब कर दिए जाने के विरोध में राजपुर एसडीएम को ज्ञापन सौंप कार्यवाही की माँग की है। मामला करीब दो वर्ष पहले की है।जब वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत जिगड़ी के 37 हितग्रहीयों ने वन अधिकार पट्टे के लिए आवेदन जमा किया था जिसके बाद सभी कागजी कार्यवाही एवं जाँच होने के बाद फाइल एसडीएम कार्यालय में रखा गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 37 लोगों के फाइलों में से कुछ कागजात वर्तमान बीट प्रभारी राजेश खलखो ने फाइलो में से गायब कर दिया जिसके कारण ग्रामीण वन अधिकार पट्टा मिलने से वंचित रह गए।

इस संबंध में ग्रामीणों ने राजपुर एसडीएम राजीव जेम्स कुजूर को लिखित ज्ञापन सौंपकर कहा है कि ग्राम पंचायत जिगड़ी के 37 हितग्राहियों का वन अधिकार वन पट्टा 2021 में भरा गया था। जो फार्म अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में दो वर्ष पहले तक फार्म पूर्ण रूप से सभी पेजों का जांच कर के रखा गया था। एक महिना पुर्व राजेश खलखो सिपाही (बिटगार्ड) अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय से फार्म में कुछ काम करना है बोलकर वहाँ की मैडम के हाथों में पावती देकर अपने रिक्स पर ले रहा हूं बोलकर ले गया। अपने पास दो दिनो तक रखा एवं 37 लोगों का फार्म से तीन पेज निकाल कर फिर से अनुविभागीय कार्यालय में जमा किया जिसके कारण से फार्म अधूरा रह गया और सभी हितग्राहियों का फार्म जिला नहीं जा पाया। जिसके कारण से सभी हितग्राही वन विभाग में पदस्थ राजेश खलखों के खिलाफ आकोशित है एवं उनके खिलाफ कार्यवाही करने की माँग कर रहे हैं।ग्रामीणों ने पाँच दिवस के भीतर कार्यवाही नही होने पर धरना प्रदर्शन की बात कही है।

वहीँ इस संबंध में एसडीएम राजपुर ने पत्र जारी कर कहा है कि ग्राम पंचायत जिगड़ी का 37 लोगों का नवीन वन अधिकार पत्र जमा था। जिसकी पुन जाँच हेतु राजेश खलखो सिपाही (बिटगार्ड) द्वारा फार्म को ले जाया गया। राजेश खलखो सिपाही (बीटगार्ड) तत्कालिक बिट बासेन में बिटगार्ड के पद पर होने के कारण ही उनको पुन जांच हेतु नवीन वन अधिकार पत्र दिया गया था।
आखिर गलती किसकी और दोषी कौन :- मामला संज्ञान में आने के बाद अब अधिकारियों ने पुनः जांच कर आवश्यक दस्तावेज पुर्ण करने की बात कही जा रही है। परंतु यह सोचनीय विषय है कि जब सारे कागजी कार्यवाही व जाँच पश्चात दस्तावेज पूर्ण होकर एसडीएम कार्यालय में जमा हो गया था तो ऐसा कौन सा जरूरी दस्तावेज छूट गया था जिसे पूर्ण करने बिटगार्ड द्वारा पुनः फाइल ले जाने की जरूरत पड़ी। और जिसने भी इस फाइल को दिया और रिसीव किया तो क्या सारे दस्तावेज जांच कर फाइल रिसीव करने उचित नहीं समझा। आखिर यहां गलती किसकी है और दोषी कौन यह जांच का विषय है।



