
बलरामपुर। कुछ समाचार माध्यमों में प्रकाशित डीईओ के कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्टीकरण देते हुए जानकारी दी है कि विभागीय प्रकरणों की अनेक नस्तियां एवं प्रस्ताव नियमानुसार अवलोकन एवं हस्ताक्षरार्थ हेतु कलेक्टर को प्रस्तुत किए जाते हैं। इसी प्रक्रिया के दौरान एक पत्र में टंकण एवं लिपिकीय त्रुटि वश कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी के स्थान पर कार्यालय कलेक्टर अंकित हो गया था। उक्त पत्र विभागीय कार्यालय से ही जारी किया गया था जो की लिपिकीय त्रुटि है। उन्होंने बताया कि कार्यालय के समस्त कार्य शासन के नियमों एवं निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुरूप नियमित कर्मचारियों के माध्यम से संपादित किए जाते हैं। कार्यालयीन कार्यों के संचालन एवं समन्वय संबंधी सभी गतिविधियां सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्यालयीन अभिलेखों एवं दस्तावेजों का संधारण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्यालय में ही किया जाता है तथा आवश्यकतानुसार संबंधित शाखाओं को उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का निराकरण भी नियमानुसार एवं निर्धारित समय-सीमा में किया जाता है। साथ ही किसी प्रकरण में जानकारी संकलन अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से विलंब की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसका भी निराकरण किया जाता है।



