November 4, 2026 |

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छत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेशटेक्नोलॉजीशिक्षा

कलेक्टर डॉ. सिद्दीकी ने सेक्टर अधिकारियों को दी निर्वाचन कार्यों की जानकारी…

सारंगढ़ बिलाईगढ़। कलेक्टर डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के सेक्टर अधिकारियों की बैठक ली। डॉ. सिद्दीकी ने कहा कि मतदान की अवधि जिसमें मतदान दल की रवानगी और वापसी के दौरान निर्वाचन नियमावली के तहत ही सारे कार्य करना है। कोई भी कार्य नियमावली के बाहर नहीं किया जाना है। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के इच्छा व्यक्त करने पर ही पोस्टल बैलेट (डाकमत) के आधार पर फार्म-12 डी भरना है।. मतदान पूर्व जिम्मेदारियां :- कलेक्टर डॉ. सिद्दीकी ने मतदान के पूर्व सेक्टर अधिकारियों की जिम्मेदारियों और कार्यों के बारे में बताया कि मतदान केन्द्रों के अक्षांश-देशान्तर का सत्यापन किया जाना है। नक्शे पर बने मार्ग का सत्यापन कर पता लगाना कि यह पहुंच योग्य मार्ग (साध्य) है। साथ ही कमियों, त्रुटियों (यदि कोई हो) के संबंध में प्रभारी अधिकारी को तत्काल सूचित करें। मतदान केन्द्र भवन की भौतिक स्थिति का जानकारी लेना और बुनियादी सुविधा जैसे-पेयजल, पहुंच मार्ग, विद्युत आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, रैम्प, टॉयलेट की उपलब्धता सुनिश्चित करना। नये मतदान केन्द्र (यदि कोई हो तो) का व्यापक प्रचार-प्रसार करना। कम्यूनिकेशन प्लान हेतु फोन, मोबाइल नंबर संग्रहित करना। मतदान केन्द्रों में संचार साधन (मोबाइल कनेक्टिविटी) पता करना। राजनैतिक दलों के ऐसे कार्यालयों का पता लगाना जो मतदान केन्द्रों से 200 मीटर परिधि में स्थित है। अनधिकृत चुनाव प्रचार, अनधिकृत वाहन जो चुनाव प्रचार में लगे हो, संपत्ति विरूपण, शासकीय भवनों, शासकीय वाहनों, एवं शासकीय सेवकों के दुरूपयोग पर आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के सभी संभव उल्लंघन पर नजर रखना। कलेक्टर ने कहा कि मतदान के पूर्व मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का प्रदर्शन करना है। मतदाता फोटो परिचय पत्र की तैयारी एवं वितरण की विशिष्ट जानकारी देना। मतदाताओं को अपना नाम और प्रविष्टियां (एन्ट्री) मतदाता सूची में चेक करने बीएलओ के माध्यम से सूचित करना है।

कलेक्टर ने कहा कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्र, जहां मतदाताओं को कानून (विधि) विरूद्ध प्रभावित कर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया को बाधित किए जाने की आशंका हो ऐसे क्षेत्र को चिन्हांकित करना। मतदाताओं में स्वतंत्र तथा निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया पर विश्वास बढ़ाने सौंपे गए मतदान केन्द्रों के क्षेत्रों का बार-बार भ्रमण कर मतदाताअें से बातचीत करना। इससे वल्नरेबिलिटी (असुरक्षित क्षेत्रों की) मैपिंग में सहायता मिलेगी। वल्नरेबिलिटी मैपिंग के संबंध में आयोग के निर्देशों का अवलोकन किया जाए। ग्रामों, मुहल्लों, टोला, माजरा, पारा, वार्ड नई बस्ती एवं मतदाता खण्डों की पहचान करना जहां भय, धमकी की आशंका हो। ऐसे व्यक्तियों की पहचान करना जो मतदान केन्द्र को संवेदनशील बनाते है, को सूचीबद्ध करना (यहां अभिप्राय संख्या से नही, नामों से है) तथा उनकी जानकारी निर्धारित प्रारूप में रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) या जिला निर्वाचन अधिकारी को गोपनीय रूप से देना। मतदाताओं के स्वतंत्र मतदान हेतु पहुंच सुनिश्चित करना। असुरक्षित समूहों से संपर्क हेतु ऐसे समुदायों के व्यक्तियों के मोबाइल नंबर एकत्र करना

सामग्री वितरण दिवस एवं मतदान दलों की रवानगी:-

कलेक्टर ने कहा कि सभी सेक्टर अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि मतदान दल, सभी सामग्री और सुरक्षा बल मतदान केन्द्रों में पहुंच गयी है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन परिचालन संबंधी समस्त शंकाओं को दूर कर लिया गया है, इसका ओके रिपोर्ट नियंत्रण कक्ष को देना, सुनिश्चित करना है।

मतदान दिवस की जिम्मेदारियां :-

उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाश कुमार भारद्वाज ने सेक्टर अधिकारियों को निर्वाचन कार्यों, बरती जाने वाली सावधानियों और जिम्मेदारियों को बताया। उन्होंने कहा कि मतदान प्रारंभ के पूर्व सभी प्रत्याशी या उनके प्रतिनिधि के सामने वोटिंग मशीन सही ढंग से संचालित हो रही है कि नहीं इसके लिए मॉक पोल सुनिश्चित करना, समस्या का हल ढूंढने तथा उपचारात्मक कार्यवाही, जिन मतदान केन्द्रों में मॉक पोल एजेंटों की अनुपस्थिति में करना पड़ा था, वहां बार-बार भ्रमण और ध्यान दिया जाना है। मतदान केन्द्रों में नियुक्त सुरक्षा बल अपना कार्य संभाल लिए है, इस बात को सुनिश्चित करना। जहां आवश्यक हो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन बदली जाए। वोटिंग मशीन के पार्ट बैलेट यूनिट (बीयू), कंट्रोल यूनिट (सीयू) और वीवीपैट सेक्टर आफिसर के पास अतिरिक्त रहता है। मतदान प्रतिनिधियों की उपस्थिति और अनुपस्थिति का पता लगाना और रिपोर्ट देना। मतदान केन्द्रों के भीतर मतदान दल को प्रक्रिया के संबंध में सहायता तथा मार्गदर्शन देना। मतदान प्रक्रिया की शुद्धता बनाए रखना। मॉक-पोल प्रमाण पत्र सुनिश्चित किया जाए। मॉक-पोल की स्थिति 30 के भीतर रिटर्निंग अधिकारी को रिर्पोट किया जाए। समय पर रिटर्निंग अधिकारी को मतदान प्रतिशत की जानकारी दी जाए (जैसा निर्देश हो), मतदान दिवस की शिकायत (यदि कोई हो तो) को निराकृत न होने की स्थिति में रिटर्निंग अधिकारी को त्वरित सूचित करें। ईव्हीएम सिलिंग की जांच की जाए। आरक्षित मतदान दल से आवश्यकतानुसार मतदान कर्मचारियों को बदली जाए। मतदान कर्मचारियों के मानदेय का वितरण सुनिश्चित किया जाए। मतदान के अंत में सेक्टर अधिकारी सुनिश्चित करें कि-पीठासीन अधिकारी की डायरी सही भी हो, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन सही ढंग से सील की गई हो, पोलिंग एजेन्टस् को 17 सी फार्मेट की प्रति दी गई हो, 17ए रजिस्टर सही ढंग से भरा हो, फार्मेट 15 पीठासीन अधिकारी की अतिरिक्त रिर्पोट जो कि केन्द्रीय पर्यवेक्षक को जमा किया जाना है, सही ढंग से भरा हो। मतदान के बाद मतदान पर निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट रिटर्निंग अधिकारी को सौंपी जाए।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री भारद्वाज ने कहा कि सेक्टर अधिकारी के पास निम्न सुविधाएं होनी चाहिए- सेक्टर अधिकारी सुनिश्चित करेगा कि उसे प्रशिक्षण दिया गया है। विशेषकर ईव्हीएम, व्हीव्हीपैट के संबंध में, चुनाव-प्रबंध, चुनाव प्रक्रिया, आचार संहिता और अन्य चुनाव के महत्वपूर्ण बिन्दुओं के बारे में, सेक्टर अधिकारियों के पास जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी पहचान पत्र हो वे यह भी सुनिश्चित करें कि वे भ्रमण के दौरान अपना पहचान पत्र प्रदर्शित करें। सेक्टर अधिकारियों के पास जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी पहचान पत्र हो वे यह भी सुनिश्चित करें कि वे भ्रमण के दौरान अपना पहचान प्रदर्शित करें। सेक्टर अधिकारियों के पास मतदान केन्द्रों की सूची होना चाहिए उनके अधीनस्थ मतदान केन्द्र के साथ ही प्रत्येक मतदान केन्द्र के मतदाताओं (महिला-पुरूष) की संख्या होनी चाहिए। संचार (मोबाइल नेटवर्क) योजना सुनिश्चित हो। मतदान सामग्री जो सेक्टर अधिकारी को उपलब्ध होना है-प्रशिक्षण सामग्री जो पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी और बूथ लेबल अधिकारी (बीएलओ) को दी जा रही है। सेक्टर का विस्तृत नक्शा, सेक्टर अधिकारी के क्षेत्र के अधिसूचित मतदान केन्द्रों की सूची। उसके सेक्टर के मतदाता सहायता केन्द्रों की विस्तृत जानकारी, रिजर्व ईव्हीएम के प्रदाय की जानकारी रखें। इसके साथ ही साथ सभी सेक्टर अधिकारीगण भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के निर्देशों के परिपालन हेतु समय-समय पर सौंपे गए समस्त कार्यों का समय सीमा में संपादन सुनिश्चित करेंगे। इस अवसर पर जिले के सभी सेक्टर अधिकारी उपस्थित थे।

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