
कुसमी| छत्तीसगढ सरकार द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों को मोदी की गारंटी के तहत विभिन्न मांगों को लेकर फेडरेशन द्वारा लगातार शासन प्रशासन से पत्राचार किया जा रहा है। सरकार द्वारा कर्मचारी हित में इन मांगों को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लेने के कारण प्रदेश के कर्मचारियों में असंतोष एवं आक्रोश व्याप्त है। शासन द्वारा हमारे अधिकारों का सतत हनन किया जा रहा है। शासन द्वारा जारी किए जा रहे महंगाई भत्ता के आदेशों में एरियर्स एवं देय तिथि का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने के कारण भ्रामक स्थिति निर्मित हो गई है। इस तरह शासन द्वारा लगातार अधिकारी- कर्मचारियों के न्यायायिक अधिकारों का हनन करते हुए आर्थिक हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। कर्मचारी अधिकारी द्वारा 11 बिंदुओं का मांग लगातार किया जा रहा है लेकिन सरकार इन सभी बिंदुओं पर निर्णय नहीं ले रही है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से संबद्व 120 संगठनों ने उपरोक्त मांगों को लेकर ” झन करव इनकार, हमार सुनव सरकार” के तहत मोदी की गारंटी लागू करने चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया है। फेडरेशन के तहसील संयोजक संजीव शर्मा एवं ब्लॉक संयोजक हरकेश भारती ने जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन में शामिल होने हेतु सभी अधिकारी- कर्मचारियों से अपील करते हुए बताया है कि द्वितीय चरण के तहत इन सभी मांगों को लेकर 22 अगस्त 2025 दिन शुक्रवार को जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।



