
राजपुर। शासन के सख्त निर्देश के बाद झोला छाप डॉक्टरों पर कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। रविवार को ऐसे ही एक झोला छाप डॉक्टर को बीएमओ के पत्र पर पुलिस ने कार्यवाही की है।
क्षेत्र में लगातार झोलाछाप डॉक्टरों की शिकायत मिलती रही है इन डॉक्टरों की वजह से कई लोगों की जान भी चली गई है। गांवों में झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाही हेतु लगातार सवाल खड़े हो रहे थे जिसके बाद इन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्यवाही हेतु प्रशासन सख्त हो गई है। रविवार को पुलिस ने एक ऐसे झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया है न तो उसके पास कोई वैध लाइसेंस है और न ही कोई शैक्षणिक योग्यता उसके बाद भी 12 वर्षों से लगातार क्षेत्र में घूमघूम कर ग्रामीणों का इलाज कर रहा था।पश्चिम बंगाल के कलकत्ता का मूल निवासी जो कि 12 वर्षों से राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कर्रा में रहकर बिना किसी मेडिकल जानकारी के इलाज कर रहा था। रविवार को कर्रा निवासी 8 वीं पास झोलाछाप डॉक्टर तारक चौधरी ग्राम ठरकी में एक ग्रामीण का इलाज कर रहा था। जानकारी लगते ही गाँव मे सरपंच उपसरपंच सहित स्थानीयों ने उसे पकड़ लिया जिसके बाद इसकी सूचना राजपुर बीएमओ रामप्रसाद राम एवं पुलिस को दी गई। जानकारी लगते ही बीएमओ रामप्रसाद राम ने तत्काल इसकी सूचना राजपुर पुलिस को दी जिसके बाद पुलिस ने उक्त झोलाछाप डॉक्टर को पकड़कर थाने ले आई।थाना प्रभारी कुमार चंदन सिंह ने बताया कि बीएमओ की शिकायत पर ठरकी से झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। डॉक्टर गाँव में इलाज कर रहा था।उक्त झोलाछाप डॉक्टर के पास कोई भी वैद्य लाइसेंस नही पाया गया है। पुलिस ने इस मामले में झोलाछाप डॉक्टर तारक चौधरी स्व अरुण चौधरी 42 वर्ष के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की है।



