ठाकुर समाज ने भारत रत्न से सम्मानित कर्पूरी ठाकुर का मनाया 100 वीं जयंती,,,

राजपुर। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर भारत रत्न (मरणो उपरांत) मिलने एवं उनके 100 वाँ जयंती के अवसर पर राजपुर के गाँधी चौक पर ठाकुर समाज एवं अन्य समाज के लोगो ने कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यर्पण कर आतिशबाजी करते हुए खुशियां मनाई।
बिहार के पुर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के 100 वाँ जयंती व भारत सरकार द्वारा भारत रत्न से सम्मानित किए जाने पर नगर के नई समाज व अन्य लोगो ने नगर के गांधी चौक पर खुशियाँ मनाते हुए जमकर आतिशबाजी की गई।समाज के लोगो ने कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण कर दिप प्रज्लवित किया गया।इस दौरान ठाकुर समाज के अध्यक्ष प्रमोद ठाकुर ने कहा कि यह बड़े हर्ष का विषय है कि एक छोटे परिवार से तालुकात रखने वाले बेहद साधारण व्यक्ति कर्पूरी ठाकुर तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं।आज भारत सरकार द्वारा उन्हें जो सम्मानित किया है उससे ठाकुर समाज अत्यंत हर्षित है।उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि एक छोटे से तबके के रहने वाले कर्पूरी ठाकुर को देश का इतने बड़ा सम्मान देकर पूरे ठाकुर समाज के लोगो सम्मान दिया है।कार्यक्रम में मनोज अग्रवाल ने कहा कि बड़े ही हर्ष का विषय है कि भारत सरकार इन्हें भारत रत्न से नवाजा है।आज उनके 100 वाँ वर्षगाँठ के अवसर पर भारत सरकार ठाकुर समाज के लोगो को बहुत बड़ी उपलब्धि दी है।कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगो ने कर्पूरी ठाकुर में चित्र पर दिप प्रज्लवित कर एक दूसरे का मीठा खिलकर ठाकुर समाज जिंदाबाद व कर्पूरी ठाकुर अमर रहे के नारे लगाए।
कार्यक्रम के दौरान प्रमोद ठाकुर मनोज अग्रवाल प्रदीप जायसवाल मुंद्रिका कश्यप ईश्वरी ठाकुर राजन ठाकुर संजय ठाकुर भयानक ठाकुर विंध्याचल ठाकुर अशोक सोनी रुद्र ठाकुर सहित ठाकुर समाज के लोग व अन्य नागरिकगण उपस्थित थे।

कौन थे कर्पूरी ठाकुर :- कर्पूरी ठाकुर का जन्म 24 जनवरी 1924 को समस्तीपुर के पितौंझिया गांव में श्री गोकुल ठाकुर तथा माता श्रीमती रामदुलारी देवी के यहाँ हुआ। कर्पूरी ठाकुर का निधन 17 फरवरी 1988 को हुआ। कर्पूरी ठाकुर दो बार बिहार के सीएम और एक बार डिप्टी सीएम रहे वे बिहार के पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे उन्होंने पहली बार 1952 में विधानसभा चुनाव जीता था। 1967 में कर्पूरी ठाकुर ने डिप्टी सी एम बनने पर बिहार में अंग्रेजी की अनिवार्यता को खत्म कर दिया था।कर्पूरी ठाकुर 22 दिसंबर 1970 से 2 जून 1971 और 24 जून 1977 से 21 अप्रैल 1979 के दौरान दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे।5 मार्च 1967 से 31 जनवरी 1968 तक डिप्टी सीएम भी रहे। वे पिछडे वर्गों की हितों की वकालत करने वाले नेताओं में गिने जाते हैं।



