June 6, 2026 |

BREAKING NEWS

विश्व पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ माँ के नाम सिधमा में किया गया पौधा रोपणप्रशासन द्वारा आवश्यक वस्तुओं के अवैध भंडारण एवं विक्रय पर सतत निगरानी,खाद्य विभाग ने भेदमी में 16 लीटर अवैध पेट्रोल जब्त कर की कार्रवाईमोर गांव मोर पानी अभियान से जल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा बलरामपुर,भू-जल संवर्धन की दिशा में अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों ने किया श्रमदानबच्चों के बेहतर भविष्य की पहल, चिल्ड्रन पार्क में लिया गया हरियाली का संकल्प,कलेक्टर, एसपी,डीएफओ एवं जनप्रतिनिधियों ने किया पौधरोपणजिला एवं सत्र न्यायाधीश, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया पौधारोपण,पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के लिए सामूहिक सहभागिता का दिया संदेशबैंकिंग सेवाओं के विस्तार और ऋण वितरण में तेजी लाने के दिए निर्देश,त्वरित निराकरण से हितग्राहियों को मिलेगा लाभरायपुर में जुटे प्रदेशभर के जनपद पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष,संगठन मजबूती पर जोर,प्रदेश स्तरीय सम्मेलन जल्द,रायपुर बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयग्राम सभा में ग्रामीणों को ठोस कचरा अपशिष्ट प्रबंधन पर दी गई विस्तृत जानकारी,,,भू जल स्तर बढ़ाने पाँच प्रतिशत मॉड्यूल अपनाने पर जोर…निर्दलीय जनप्रतिनिधि द्वारा भाजपा चुनाव चिन्ह के उपयोग पर संगठन सख्त,,,नोटिस जारी कर माँगा जवाब…विश्व पर्यावरण दिवस पर गेयुर हरीतिमा में पौधा रोपण,,,जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प…
BalrampurBussinessEducationjashpurlifestylepatthalganvpolitics

जल संचयन एवं भूजल संवर्धन की दिशा में अभिनव पहल,5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर टैंक एवं सोख्ता गड्ढा से ग्रामीणों का जागरूक किया गया

बलरामपुरजिले में जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संचालित मोर गांव मोरे पानी अभियान के तहत विकसित 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर टैंक एवं सोख्ता गड्ढा का मॉडल सुशासन तिहार में प्रदर्शित किया गया। मॉडल जनप्रतिनिधियों, किसानों एवं आम नागरिकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि तथा आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने मॉडल का अवलोकन कर इसकी उपयोगिता की सराहना की तथा जल संरक्षण के ऐसे नवाचारों को व्यापक स्तर पर अपनाने की आवश्यकता बताई।

प्रदर्शनी में 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर टैंक के माध्यम से वर्षा जल संचयन एवं भूजल पुनर्भरण की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। ग्रामीणों को जानकारी दी गई कि इस मॉडल के अंतर्गत खेत के लगभग 5 प्रतिशत हिस्से में जल संग्रहण संरचना विकसित की जाती है, जहां वर्षा का अतिरिक्त पानी एकत्रित होकर धीरे-धीरे भूमि में समाहित होता है। इससे भूजल स्तर में वृद्धि होती है, खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है तथा किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध होता है।

साथ ही सोख्ता गड्ढा को भी जल संरक्षण का प्रभावी माध्यम बताया गया। सोख्ता गड्ढा घरों, शासकीय भवनों एवं सार्वजनिक स्थलों से निकलने वाले अतिरिक्त पानी को भूमि के भीतर पहुंचाकर भूजल पुनर्भरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे जलभराव की समस्या कम होती है तथा वर्षा जल का संरक्षण सुनिश्चित होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सोख्ता गड्ढों का निर्माण जल संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।

मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर टैंक एवं सोख्ता गड्ढा जैसे सरल और प्रभावी उपायों के माध्यम से वर्षा जल का अधिकतम उपयोग किया जा सकता है। इन संरचनाओं के व्यापक निर्माण से भूजल स्तर में सुधार होगा तथा किसानों और ग्रामीण समुदाय को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।

जिला प्रशासन द्वारा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नवाचार किए जा रहे है। सुशासन तिहार में इन मॉडलों की प्रस्तुति ने लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ गांव स्तर पर जल संरचनाओं के निर्माण के लिए प्रेरित किया। यह पहल जिले में सतत जल प्रबंधन और संरक्षण की दिशा मे महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिले जल संरक्षण कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सहयोग की भावना को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 5 प्रतिशत मॉडल को अभियान के रूप में अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन द्वारा विभिन्न बैठकों एवं चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों को 5 प्रतिशत मॉडल की जानकारी दी जा रही है। ताकि जल संरक्षण में जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना तथा सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे 5 प्रतिशत मॉडल को जनआंदोलन का स्वरूप देने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि जल संरक्षण में जनभागीदारी से संचालित यह पहल जिले के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Related Articles

Check Also
Close
error: Content is protected !!