
राजपुर। क्षेत्र में इन दिनों लकड़ी माफिया काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं, बगैर अनुमति के लकड़ी तस्करी धड़ल्ले से की जा रही है।लकड़ी तस्करों द्वारा गाँवों में घूमघूम कर ग्रामीणों के जमीन में लगे पेड़ो को कुछ पैसों का लालच देकर बेखौफ काटकर ले जा रहें हैं।
इन दिनों लकड़ी माफियाओं के हौसले काफी बुलंद हैं।लकड़ी तस्कर बेखौफ होकर गाँवों से लकड़ी तस्करी करते नजर आ रहें हैं।लकड़ी तस्कर पहले आसपास के गाँवों में घूमकर निजी भूमि में लगाये गए सेमल जैसे पेड़ो का निरीक्षण करते हैं जिसके बाद जमीन मालिक से संपर्क कर उक्त लकड़ी को मोलभाव कर सस्ते दरों पर खरीदते हैं।सौदा होने के बाद बगैर अनुमति के तत्काल कटर मशीन से पेड़ो को गिराकर उसके टुकड़े कर ट्रक में लोड कर रफूचक्कर हो जाते हैं।तस्कर इस घटना को इतना जल्दी अंजाम देते हैं कि अधिकारियों को जब तक इसकी भनक लगती उसके पहले ही काटा गया सारा लकड़ी पार हो जाता है।तस्कर इसके लिए पहले से ही क्रेन सहित ट्रक का इन्तजाम करके रखते हैं।

लकड़ी तस्कर खरीदे गए पेड़ो का न तो अनुमति लेते हैं और न ही अधिकारियों को इसकी भनक लगने देते हैं। लकड़ी माफिया यदि एक पेड़ का अनुमति भी लेते हैं तो उसके आड़ में कई पेड़ो को काटकर ले जाते हैं।ऐसे ही एक मामला विगत दिनों देखने को मिला जहाँ लकड़ी तस्करों ने बगैर अनुमति के सेमल का पेड़ काटकर ले जाने के फिराक में थे परंतु समय रहते अधिकारियों को इसकी भनक लग गई और मौके पर से हाइड्रा क्रेन को जप्त करने में सफलता पाई हालांकि लकड़ी तस्करों ने ट्रक को भगाने में कामयाब हो गए।
वन विभाग द्वारा 2 मई को इस मामले में कार्यवाही करते हुए एक हाइड्रा क्रेन को जप्त किया है। राजपुर वन परिक्षेत्राधिकारी अजय वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनाँक 2 मई की शाम करीब सात बजे मुखबिर से सूचना मिलने पर ग्राम घोरघड़ी से हाइड्रा क्रेन सहित सेमल प्रजाति का लट्ठा 26 नग कुल 13.883 घन मीटर जिसकी अनुमानित कीमत 2.50 लाख (दो लाख पचास हजार रुपये) को जप्त किया गया है।उन्होंने बताया कि हाइड्रा चालक इजहार अंसारी पिता मुख्तार अंसारी के खिलाफ वन अपराध प्रकरण 21999/19 दर्ज कर छ०ग० अभिवहन (वनोपज) नियम 2001 की धारा 3(क) धारा 16 एवं धारा 22, म०प्र० वन उपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5, भू-राजस्व संहिता की धारा-240 (3) व 241 (4) अंतर्गत एवँ भू-राजस्व संहिता की धारा-240 (3) के अंतर्गत वन कटाई के नियम 1964 (ख) अंतर्गत कार्यवाही की गई है। जबकि ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया,ट्रक शंकरगढ़ की बताई जा रही है।
गौरतलब है कि पूर्व में भी लकड़ी तस्कर घोरघड़ी लाऊ सहित अन्य क्षेत्रों में घूमकर सेमल जैसे पेड़ो की बगैर अनुमति के अंधाधुंध कटाई का मामला सामने आया था।जिसके बाद वन विभाग ने कार्यवाही करते हुए लकड़ी लोड ट्रक एवँ एक हाइड्रा क्रेन को जप्त किया था।
उक्त कार्यवाही वन मंडलाधिकारी के निर्देश एवँ उप वनमंडलाधिकारी के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर व तहसीलदार राजपुर एवँ पुलिस विभाग के सहयोग से रेंजर राजपुर अजय वर्मा एवँ वन विभाग के डिप्टी रेंजर अशोक शुक्ला पुनीत सिंह मालती मांझी राजेश कुमार झगरू राम भोला राम सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।



