
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों की मजदूरी रोजगार
बलरामपुर। विकसित भारत रोजगार एवं रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं योजना के संबंध में जन-जागरूकता के उद्देश्य से जिले की सभी 476 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। आयोजित ग्रामसभा में विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप समृद्ध एवं सुदृढ़ ग्रामीण भारत के निर्माण हेतु सशक्तिकरण, विकास, अभिसरण एवं संतृप्ति की अवधारणा पर विस्तार से जानकारी दी गई। ग्राम सभा में बताया गया कि योजना के अंतर्गत अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का मजदूरी-आधारित रोजगार प्रदान किए जाने का प्रावधान है। जिससे ग्रामीण आजीविका को सशक्त आधार मिलेगा।

ग्रामसभा में विकसित भारत गारंटी, रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत प्रस्तावित कार्यों, कार्यों के आयोजन की प्रक्रिया, कृषि के व्यस्त समय में पर्याप्त कृषि श्रमिकों की उपलब्धता, योजना का स्वरूप, वित्त पोषण पद्धति तथा राज्यों को मानक आधारित आबंटन की जानकारी दी गई। जिसमें जल सुरक्षा और संरक्षण कार्य, ग्रामीण अद्योसंरचना से जुड़े कार्य, आजीविका संवर्धन कार्य, जलवायु परिवर्तन व प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्य इन चारों क्षेत्रों को मिलाकर सतत विकास, सामाजिक सशक्तिकरण, अभिसरण एवं स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में योजना की भूमिका को स्पष्ट किया गया। आयोजित ग्रामसभा में ग्राम के गणमान्य नागरिक, श्रमिक, महिलाएं, स्व-सहायता समूह की सदस्य उपस्थित रहे।



