कोदौरा में जमीन फर्जीवाड़े को लेकर ग्रामीणों ने किया हंगामा,,, संलिप्त व्यक्तियों पर कार्यवाही की माँग…

बलरामपुर। जिले के राजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम कोदौरा क्षेत्र में आधे दर्जन से अधिक गाँव में 60 से 70 एकड़ जमीन फर्जीवाड़े को लेकर कोदौरा क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने बलरामपुर कलेक्ट्रेट पहुँचकर जोरदार हंगामा करते हुए ज्ञापन सौंप कार्यवाही की माँग की है।
कोदौरा क्षेत्र के विभिन्न गाँव में एक परिवार द्वारा गरीब आदिवासियों और शासकीय मद में दर्ज भूमि सहित लगभग 60 से 70 एकड़ जमीन अपने नाम करने और राजस्व अभिलेखों में कूट रचना कर जमीन अपने नाम कर धोखाधड़ी से धान बेचने के मामले में आज कोदौरा इलाके के लगभग डेढ़ सौ किसानों और ग्रामीणों ने बलरामपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कलेक्टर बलरामपुर को ज्ञापन सौंप कर फर्जीवाडा करने,आदिवासियों की जमीन हड़पने धोखाधड़ी,शासकीय अभिलेखों में छेड़छाड़ करने वाले कोटडी ग्राम के वीरेंद्र गुप्ता पिता विजय गुप्ता के खिलाफ तत्काल जांच कराकर कार्यवाही करने की मांग रखी है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में कहा कि ग्राम पंचायत कोदौरा, कोटडीह, भेण्डरी, परसवार खुर्द, करमडीहा, पकराडी, में स्थित भू-स्वामी एवं शासकीय भूमि कि कुल खसरा-26, रकबा लगभग 60-70 एकड़ भूमि को राजपुर तहसीलदार और पटवारी के माध्यम से एक ही परिवार के सदस्यों के नाम पर कर दिया गया है, इनके मुखिया विरेन्द्र गुप्ता, भाई नरेन्द्र गुप्ता और दूसरे भाई धर्मेन्द्र गुप्ता, पिता बिजय गुप्ता, माता सरिता देवी, पत्नि प्रियंका गुप्ता एवं सास त्रिंब्रंदा देवी के नाम पर किया गया है। कुल रकबा को एक ही साल के अन्दर अपने परिवार के नाम किया गया है। यह परिवार को ग्राम कोदौरा में रहते हुए सालभर भी नहीं हुआ है। कोदौरा में स्थित शासकीय भूमि का रकबा कुल 10.0 हे से अधिक है, जिसे इन्होने अपने एवं अपने परिवार वालों के नाम करा लिया गया है। विभिन्न गांवों के शासकीय भूमि सहित गांव में निवासरत् भू-स्वामियों की भूमि को ऑनलाईन माध्यम से दस्तावजों में छेड़छाड़ कर अपने एवं परिवार का नाम दर्ज करा लिया गया है। भूमि स्वामियों द्वारा धान पंजीयन हेतु जब ऑनलाईन दस्तावेज निकाला गया तो भू-स्वामी के जगह विरेन्द्र एवं उनके परिवार के नाम अंकित पाया गया। जिसकी सूचना एक सप्ताह पूर्व पटवारी एवं तहसीलदार को आवेदन के माध्यन से ग्रामीणों द्वारा अवगत कराया गया था। जिस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई।
ग्रामीणों ने उक्त मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर, इस मामले में संलिप्त अधिकारी, कर्मचारियों एवं आरोपीयों पर उचित कार्यवाही कर तत्काल अपराध पंजीबद्ध कराने की माँग की है।

दोषियों पर हो सख्त कार्यवाही :- पुर्व जनपद सदस्य व युवा नेता नीरज तिवारी ने कहा कि ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन अभिलेख में नाम सुधारने का काम कर रही है।इससे साफ होता है कि इस मामले में तहसीलदार व पटवारी की मिलीभगत से यह संभव हो पाया है और इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों सहित संलिप्त व्यक्तियों पर ठोस कार्यवाही करते हुए 420 का मामला दर्ज होना चाहिए।यदि प्रशासन इस मामले में ढिलाई करती है तो आज हम यहाँ आवेदन देकर शांति पूर्वक बात रखने आये हैं कल के दिन कलेक्ट्रेट घेराव सहित चक्काजाम भी करेंगे।



