July 24, 2026 |

BREAKING NEWS

प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापनबाड़ी जुताई के दौरान मारपीट के मामले में तीन गिरफ्तारप्रयास आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9 वीं प्रवेश हेतु काउंसिलिंग 22 जुलाई से प्रारंभखबर प्रकाशन के बाद कलेक्टर ने लिया संज्ञान,बरियों मार्ग को बनाया जा रहा सुगम,आमजन की सुविधा को देखते हुए मार्ग पर तेज़ी से चल रहा सुधार कार्यसुरेन्द्र यादव बने भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ के जिला सहसंयोजक,प्रदेश नेतृत्व ने सौंपी महत्वपूर्ण जिम्मेदारीNH-343 पर बरियों के पास बदहाली: दलदल में तब्दील हुई सड़क, कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर छात्राएंपहले आया ड्राइवर बनकर,फिर करने लगा ब्लैकमेल,अब पुलिस की हिरासत मेंजमीन विवाद में हेडमास्टर की हत्या के मामले में दोनों चचेरे भाई गिरफ्तार,स्कूल जाते समय गला रेतकर की थी हत्या…शिक्षक के हत्या के बाद गुस्साए परिजनों ने आरोपियों के घर लगाई आगस्कूल जा रहे शिक्षक की गला रेतकर हत्या,जमीन विवाद में चचेरे भाइयों ने दी घटना को अंजाम
आस्थाकोरियाखेलगैजेट्सछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेशजशपुरटेक्नोलॉजीदेशपत्थलगांवबलरामपुरमनोरंजनराजनीतिरायपुरलाइफस्टाइलविदेशव्यापारशिक्षासरगुजासीतापुरसुरजपुर

एक तीर एक कमान सर्व आदिवासी एक समान के नारें के साथ सीतापुर में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस

  • सरगुजा/सीतापुर। सरगुजा के सीतापुर में सर्व आदिवासी समाज के द्वारा एक तीर एक कमान सर्व आदिवासी एक समान के नारे के साथ बड़ी ही धूमधाम के साथ विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया।

    वहीं विश्व आदिवासी दिवस का कार्यक्रम सीतापुर के एलबीएस ग्राउंड में आयोजित किया गया जहां इस दौरान सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो भी अपनी कांवर यात्रा छोड़कर इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

    वहीं इस विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर सीतापुर में आयोजित कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के तमाम पदाधिकारी और हजारों लोग शामिल हुए जहां आदिवासी परम्परा और संस्कृति के अनुरूप ही इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया और शहर में एकता का परिचय देते हुए एक बड़ी रैली भी निकाली गई।

    वहीं कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि जल,जंगल,जमीन की रखवाली करने वाले आदिवासियों को आज समाज में नीचे दर्जे से देखा जाता है लेकिन आदिवासियों के द्वारा ही इसकी रक्षा की जाती है जिससे पर्यावरण बचा हुआ है और संतुलित है।

    वहीं उन्होंने यह भी बताया कि सरगुजा जनजाति बाहुल्य इलाका है जहां सरकार को यहां की जल,जंगल और जमीन को संरक्षित करने के लिए ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि आज सरगुजा जैसे आदिवासी बाहुल्य इलाकें में इसका अस्तित्व खतरें में नजर आने लगा है इसलिए आदिवासी समाज प्रकृति की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
error: Content is protected !!