
राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर स्थित स्थानीय रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक पहल बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कानून देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को नीति-निर्धारण में भागीदारी देने का एक बड़ा अवसर था, लेकिन विपक्ष के राजनीतिक स्वार्थ के कारण इसे अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका।
अम्बिकापुर महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपरा में महिलाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और यह अधिनियम उन्हें संसद एवं विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अपने राजनीतिक हितों के चलते महिलाओं के सशक्तिकरण के इस अवसर को बाधित किया।

मंजूषा भगत ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार ने महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत स्तर पर आरक्षण का श्रेय लेने वाला विपक्ष उच्च स्तर पर महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने से पीछे हटता रहा है। दो वर्ष से बंद पड़े महतारी वंदन योजना के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि नई विवाह हुई महिलाओं को बंद रहने से लाभ नहीं मिल रहा है उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को इन सभी बातों को रखेंगे और सभी महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।
महापौर से छत्तीसगढ़ में भाजपा के 54 सीट होने के बावजूद मात्र एक महिला विधायक को मंत्री बनाने के सवालों पर कहा कि जैसे ही केंद्र सरकार की 33% आरक्षण लागू होगी तो महिलाओं को 33% के आधार पर मंत्री, सांसद व विधायक का लाभ मिलेगा।
प्रेस वार्ता के दौरान संजय सिंह जिला महामंत्री बलरामपुर, प्रवीण अग्रवाल जिला कोषाध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि, शिवनाथ जायसवाल विधायक प्रतिनिधि राजपुर,धरम सिंह अध्यक्ष नगर पंचायत राजपुर, संतोष तिवारी मंडल महामंत्री राजपुर,माधुरी लकड़ा जिला महामंत्री महिला मोर्चा बलरामपुर,श्रीमती मोनिका कुजूर मंडल अध्यक्ष राजपुर,मंजू बंसल पार्षद,अंजू भगत,गीता पैकरा जिला पंचायत सदस्य, अम्बिकापुर एमआईसी मेम्बर श्वेता गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित थे।



