
बलरामपुर। म्युल अकाउंट के मामले में बलरामपुर पुलिस ने फरार एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है।इस मामले में पहले भी दस आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारियों को म्युल अकाउंट के विरुद्ध कार्यवाही करने निर्देशित किया गया था जिसके परिपालन में अतिरक्त पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विश्व दीपक त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बलरामपुर याकुब मेमन के पर्यवेक्षण में प्राप्त डाटा का थाना बलरामपुर में तकनीकी विश्लेषण के आधार पर थाना बलरामपुर क्षेत्र में स्थित विभिन्न व्यापारिक बैंक से खुलवाए गए बैंक अकाउंट जिसका उपयोग देश के विभिन्न राज्य में साइबर फ्रॉड की घटना को अंजाम देने तथा धोखाधड़ी से प्राप्त रूपयों के अवैध ट्रांजैक्शन, जमा एवं निकासी करने के लिए किया जाना पाया गया। जाँच पश्चात प्रकरण के घटना में संलिप्त आरोपीगण के विरुद्ध थाना बलरामपुर में अपराध दर्ज कर धारा 317(2), 317(4), 317(5), 318(4), 61(2)(क) बीएनएस एवं 41/2025 धारा 317(2), 317(4), 317(5), 318(4), 61(2)(क) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना के दौरान घटना में संलिप्त कुल 10 आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। दिनांक 13/07/2025 को प्रकरण में संलिप्त एक अन्य आरोपी नितेश पूरी गोस्वामी पिता कैलाश पुरी उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम खजूरी थाना प्रतापपुर जिला सूरजपुर को विशेष अभियान के तहत कार्यवाही करते हुए बिलासपुर से गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट बलरामपुर के समक्ष पेश किया गया जहाँ से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उक्त आरोपी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शॉर्टकट में जल्दी पैसे कमाने के लालच में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना से प्राप्त रुपये से खरीदे गए 01 नग ब्रेजा कार जप्त किया गया है।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी बलरामपुर निरीक्षक भापेन्द्र साहू, उपनिरीक्षक किरणेश्वर प्रताप सिंह, सहायक उपनिरीक्षक राधेश्याम विश्वकर्मा, प्रधान आरक्षक शिपक शर्मा, प्रधान आरक्षक शैलेन्द्र तिवारी, आरक्षक सचिंद्र सिंह, आरक्षक महेंद्र गुप्ता एवं सायबर सेल से प्रभारी सायबर सेल उप निरीक्षक हिम्मत सिंह शेखावत, प्रधान आरक्षक नागेन्द्र पांडे, आरक्षक मंगल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।



