November 4, 2026 |

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देखिए साहब इस सड़क पर चलें तो चलें कैसे,,जान हथेली पर लेकर चलना पड़ता है,,,घर पहुँचकर ऊपरवाले को शुक्रियदा करते हैं…

राजपुर। सरगुजा से झारखंड को जोड़ने वाली अम्बिकापुर रामानुजगंज मुख्य सड़क एनएच 343 की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि लोगो को अब सड़क पर चलना दूभर हो गया है।सड़क पर बने बड़े बड़े गड्ढे लोगो के लिए जान लेवा साबित हो रही है।सड़क पर रोज हजारों की संख्या में हल्के भारी वाहनों सहित कई बड़े मंत्रियों व अधिकारियों का रोजाना अनजाना लगा रहता है फिर भी न जाने क्यों सड़क मरम्मत के लिए किसी का ध्यान नही है।बड़े बड़े मंत्रियों व अधिकारी तो अपने लक्जरी वाहन से निकल जाते हैं परंतु आम जनता सड़क की दुर्दशा के शिकार हो रहे हैं।सबसे बुरा हाल अम्बिकापुर से पस्ता के बीच सड़क की है जहाँ सड़क कम गड्ढे ज्यादा है जहाँ आये दिन लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं।
          सरगुजा संभाग के सामरी विधानसभा क्षेत्र और रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र से आप भलीभांति परिचित होंगे क्यों कि इसी क्षेत्र ने मौजूदा सरकार को कई बड़े बड़े मंत्री और विधायक दिये हैं जो सरकार की अभिन्न अंग हैं।इसी क्षेत्र ने सरकार को रामविचार नेताम जैसा कद्दावर नेता जो आज छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री के रुप में सरकार में हैं इसी क्षेत्र से चिंतामणि महराज जैसे जुझारू नेता दिया जो आज केन्द्र सरकार में सांसद के रुप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये भाजपा सरकार के दोनो ही नेता अपने कार्यों से पहचान के मोहताज नही हैं लेकिन हमारे बलरामपुर जिले के लिए बड़ी ही दुर्भाग्य की बात है कि हमारे क्षेत्र के इतने प्रभावशाली नेताओं के रहने के बाद भी राष्ट्रीय राज्य मार्ग 343 इतना जर्जर हो चुका है कि आए दिन आम लोगों को सड़क दुर्घटना से नुकसान हो रहा है, अब हालात ये है कि लोग इस सड़क में चलने से डरने लगे हैं।


            राष्ट्रीय राज्य मार्ग 343 सरगुजा संभाग अंबिकापुर से होते हुए राजपुर,बलरामपुर,रामानुजगंज होते हुए झारखंड को जाती है।इस सड़क की हालत इतनी खराब है कि अंबिकापुर से राजपुर और राजपुर से बलरामपुर,रामानुजगंज सफर करने के लिए आम लोगों को कई बार सोचना पड़ता है। इस मार्ग में इतने बड़े बड़े गढ्ढे हो चुके हैं कि इसमें चलना लोगों के लिए मुशीबत बन गया है। इस मार्ग का इस्तेमाल करना लोगों के लिए मजबूरी भी है क्यों कि यही एक मार्ग है जो संभाग मुख्यालय और जिला मुख्यालय को जोड़ती है। इस क्षेत्र के लोग इसी मार्ग से बेहतर ईलाज के लिए अंबिकापुर या बड़े शहरों को जाते हैं।यही मार्ग है जो इस क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय बलरामपुर और अन्य राज्य झारखंड को जोड़ती है। लेकिन इस मार्ग की हालात यह है कि इस मार्ग में सफर कर पाना लोगों के लिए अपना जीवन दाँव पर लगाने जैसा हो चुका है।


 मंत्री नेताओं सहित अधिकारीयों की दौड़ती है गाड़ियां :-
       इस राष्ट्रीय राज्य मार्ग 343 में रोजाना स्थानीय विधायक,मंत्री,सांसद और बड़े बड़े अधिकारियों का आनाजाना लगा रहता है लेकिन उन्हें इस खराब सड़क से किसी प्रकार की क्षति नही होती क्योंकि वे लक्जरी वाहनों से आना जाना करते हैं जिससे उनका ध्यान इस बदहाल सड़क पर नही जाता। उनकी गाडियां इतनी आधुनिक और लक्जरी होती है कि उन्हें बड़े गढ्ढे और जर्जर सड़क का ऐहसास नही होता। लेकिन आम लोगों के पास उनके जैसी आधुनिक गाडियां या सुविधा नही है जिससे लोग रोजाना परेशान हो रहे हैं।यहां तक की गंभीर दुर्घटना और प्रसव पिड़ा वाली महिलाओं को बड़ी खामियाजा भुगतना पड़ता है। आखिर हमारे नेता या जनप्रतिनिधि इस समस्या का हल निकालने में नाकाम क्यों हैं ?
करोड़ों खर्च कर जिले में हो रही तातापानी महोत्सव :-
        बलरामपुर जिला खनिज संपदा से परिपूर्ण जिला है जहां से सरकार को रोजाना करोड़ों रुपये की राजस्व मिलती है। जिले में कई वर्षों से मकरसंक्रांति पर्व पर करोड़ों रुपए खर्च कर तातापानी महोत्सव मनाया जाता है, जहां जनता के पैसों को पानी की तरह बहा दिया जाता है ,लेकिन इसी जनता के लिए बदहाल सड़क को बनाने के लिए सरकार के पास कोई फंड नही है। आखिर सरकार आम जनता के साथ सौतेला व्यवहार क्यों करती है। जिले में आयोजित तातापानी महोत्सव में छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा शुभारंभ किया जाना है जो हवाई मार्ग से तातापानी पहुचेंगे लेकिन आम जनता इसी राष्ट्रीय राज्य मार्ग 343 से महोत्सव में शामिल होंगे, लेकिन जनता की पीड़ा से सरकार को कोई सरोकार नहीं।आम जनता को एक वोटर के रुप में इस्तेमाल करती है। प्रशासन फंड नही होने का हवाला देती है अगर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री इस सड़क मार्ग से महोत्सव में शामिल होने जाते तो प्रशासन के पास कई फंड आ जाते और रातों रात इस सड़क की मरम्मत कर दिया जाता।

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