
बलरामपुर। प्रशासन की संवेदनशील और त्वरित पहल से ग्राम ओरंगा में बोर खनन कार्य से अब गांव में स्वच्छ पेयजल पहुंचने लगा है जिससे ग्राम के दूरस्थ बसाहटों के निवासियों को राहत मिली है।
भीषण गर्मी की तपती दोपहर और सूखते जल स्रोतों के बीच ग्राम पंचायत ओरंगा की दूरस्थ बसाहटें सेमरखोंचा, कोरहटीपारा, भागीडीहपारा और तुमवापारा कठिन दौर से गुजर रही थीं। पानी की तलाश अब ग्रामीणों की रोजमर्रा की सबसे बड़ी चिंता बन गई थी। सुबह होते ही कई किलोमीटर दूर तक पानी की तलाश में भटकना उनकी मजबूरी बन गई थी। लेकिन इसी बीच प्रशासन तक जब ग्रामीणों की समस्या पहुंची, तो तुरंत पहल शुरू हुई। अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए प्राथमिकता के आधार पर बोर खनन कार्य प्रारंभ कराया। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली अब लोगों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद गांव के लोगों ने राहत महसूस की है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें दूर-दूर तक भटकना नहीं पड़ता और घर के पास ही स्वच्छ पानी उपलब्ध हो रहा है।
जनपद सीईओ रामचंद्रपुर ने जानकारी दी है कि बोर खनन से 100 से अधिक ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल रहा है। बोर खनन कार्य से सेमरखोंचा, कोडाकूपारा के 10 परिवार, कोरहट्टीपारा के 10 परिवार और उत्तरपारा के 10 परिवार सहित लगभग 100 लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी क्षेत्र में जल संकट उत्पन्न न हो।
गांव की महिलाओं ने बताया कि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद अब हालात सामान्य हो गए हैं। गांव के लोगों ने राहत महसूस करते हुए कहा कि अब उन्हें दूर-दूर तक भटकना नहीं पड़ता और घर के पास ही स्वच्छ पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर की गई कार्रवाई ने लोगों को बड़ी राहत दी है।



