
राजपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग 343 (NH-343) के चौड़ीकरण और नवनिर्माण कार्य के दौरान बरती जा रही लापरवाही के खिलाफ तहसील अधिवक्ता संघ, राजपुर ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सड़क की खस्ताहाली, जानलेवा गड्ढों और भारी धूल के गुबार से त्रस्त अधिवक्ताओं ने बुधवार को अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) राजपुर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 4 से 5 दिनों के भीतर मार्ग की स्थिति नहीं सुधरी, तो वे चक्काजाम करने को बाध्य होंगे।
लापरवाही बनी आफत, उड़ती धूल से स्वास्थ्य पर खतरा
एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जय गोपाल अग्रवाल और सचिव सुनील सिंह ने बताया कि वर्तमान में एनएच-343 के निर्माण और चौड़ीकरण का कार्य ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। निर्माण के दौरान तय मानकों की अनदेखी और ठेकेदार व प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण पूरी सड़क अत्यंत दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है।
सड़क पर लगातार उड़ती धूल के कारण आम नागरिकों, राहगीरों और न्यायालय आने-जाने वाले अधिवक्ताओं का जीवन दूभर हो गया है। धूल की वजह से क्षेत्र में सांस और आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

गड्ढों से आए दिन हादसे, ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या
अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि मार्ग में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं, जिससे प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और कई लोग अब तक चोटिल हो चुके हैं। इसके अलावा बार-बार लगने वाले जाम से न्यायालयीन कामकाज, अन्य शासकीय कार्य और लोगों के दैनिक व्यक्तिगत कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
5 दिनों का अल्टीमेटम, प्रशासन होगा जिम्मेदार
तहसील अधिवक्ता संघ ने प्रशासन से दो-टूक मांग की है कि संबंधित ठेकेदार को तत्काल निर्देशित कर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए और गड्ढों को भरकर 4 से 5 दिनों के भीतर सड़क की स्थिति में सुधार कराया जाए। संघ ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो अधिवक्ता संघ आम जनता के साथ मिलकर चक्काजाम और मार्ग अवरुद्ध करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन की प्रति स्थानीय थाना प्रभारी को भी प्रेषित की गई है।


