
शंकरगढ़। बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ में दिनांक 25 दिसंबर 2025, गुरुवार को भाजपा द्वारा सुशासन दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा रखकर औपचारिक रूप से माल्यार्पण किया गया। लेकिन कार्यक्रम समाप्त होते ही भाजपा की संवेदनहीनता और दिखावटी श्रद्धा खुलकर सामने आ गई।
दिनांक 26 दिसंबर 2025, शुक्रवार को वही अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा शंकरगढ़ चौक में बिखरी हुई और उपेक्षित अवस्था में पाई गई। यह दृश्य देखते ही स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों का आरोप है कि पंचायत स्तरीय कार्यक्रम की केवल फोटो खिंचवाकर अटल जी के सम्मान की खानापूर्ति कर ली और प्रतिमा को न तो ससम्मान कहीं स्थापित किया गया और न ही बाद में उसकी कोई सुध ली गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना महापुरुषों के नाम पर केवल राजनीतिक दिखावे को उजागर करती है। यदि वास्तव में अटल जी के प्रति सम्मान होता, तो उनकी प्रतिमा इस तरह लावारिस हालत में नहीं पड़ी मिलती। इस शर्मनाक स्थिति को देखते हुए युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष बृजेश यादव ने हस्तक्षेप करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा को ससम्मान शंकरगढ़ के प्रतिष्ठित नागरिक अनिल मिश्रा को सौंपा। इस दौरान बृजेश यादव ने तीखे शब्दों में कहा कि अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है, जब जनसेवा, ईमानदारी और सुशासन को वास्तव में व्यवहार में उतारा जाए, न कि केवल मंचों और फोटो सेशन तक सीमित रखा जाए।
स्थानीय नागरिकों ने भी एक स्वर में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान व्यक्तित्व के सम्मान की रक्षा करना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। लोगों ने इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अटल जी का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



