November 4, 2026 |

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बाल हितैषी पंचायत में कछिया ने प्रदेश में बनाया कीर्तिमान,,,शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में जनभागीदारी से मिली उपलब्धि…

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ग्राम स्तर पर सुनिश्चित हो सके और शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी कड़ी में जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया ने बाल हितैषी पंचायत के रूप में प्रदेश में सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण के 9 थीम अंतर्गत पीएआई 2.0 सर्वे में थीम 3 के तहत बाल हितैषी पंचायत विषय पर 95.71 अंक के साथ प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है।

       जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाल हितैषी पंचायत के रूप में कछिया ग्राम पंचायत पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा दायक है उन्होंने कहा कि कछिया ग्राम पंचायत को बाल हितैषी पंचायत के रूप में मिली पहचान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले एवं ग्रामीणों के समर्पित एवं सामूहिक प्रयासों परिणाम है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह नवाचार, सहभागिता और पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों को गति दी जाएगी, जिससे जिला सतत विकास करते हुए जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहेगा।

     ग्राम पंचायत कछिया द्वारा बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बाल हितैषी वातावरण तैयार किया गया है। ग्राम पंचायत कछिया के प्राथमिक शाला में कुल 51 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें 18 बालक और 33 बालिकाएँ शामिल हैं। मिडिल स्कूल में 104 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें 47 बालक और 57 बालिकाएँ शामिल हैं। पंचायत में प्राथमिक और मिडिल स्कूल मिलाकर कुल 155 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पंचायत द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा, विद्यालय उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता सुधार, बाल सुरक्षा तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

बाल हितैषी पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया की उपलब्धियाँ

सरपंच एवं पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विद्यालय का नियमित भ्रमण एवं बच्चों का मार्गदर्शन किया गया।स्कूल प्रबंधन समिति के साथ समन्वय कर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने हेतु निरंतर मॉनिटरिंग की गई। स्वच्छता अभियान के माध्यम से विद्यालय एवं ग्राम में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया गया है तथा बच्चों को स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के लिए प्रेरित किया गया ।ग्रामसभा/बैठकों में बच्चों से संबंधित विषयों को प्राथमिकता दी गई।
पंचायत को एनीमिया मुक्त बनाने, 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने एवं गर्भवती माताओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने हेतु आंगनबाड़ी केंद्र के साथ समन्वय कर सतत निगरानी की गई।शिक्षक एवं पंचायत के संयुक्त प्रयास से बच्चों में अनुशासन एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ।

बाल हितैषी पंचायत के रूप में कार्य करते समय थी कई चुनौतियां

कछिया ग्राम पंचायत में प्रारंभिक चरण में कुछ परिवारों में निम्न वर्गीय एवं रोजगारवश बच्चों की शिक्षा में रुचि कम थी।मौसमी कार्य एवं पलायन के कारण बच्चों की उपस्थिति प्रभावित होती थी। साथ ही कुछ क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण बरसात के समय बच्चों को विद्यालय जाने में कठिनाई होती थी। कुछ बच्चों में झिझक एवं अनुशासन की कमी भी चुनौती बनी, जिसके लिए निरंतर मार्गदर्शन आवश्यक था।

चुनौतियों को दूर करने हेतु पंचायत ने अपनाई विशेष रणनीति

पंचायत में जनप्रतिनिधियों सरपंच, उपसरपंच, सचिव एवं पंचगण, शिक्षकों के द्वारा अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को नियमित स्कूल भेजने हेतु प्रेरित किया गया। शिक्षक एवं प्रधानपाठक के साथ बैठक कर बच्चों की उपस्थिति एवं पढ़ाई की समीक्षा की गई।
स्वच्छता अभियान चलाकर स्कूल एवं गांव की सफाई व्यवस्था बेहतर किया गया। ग्रामसभा के माध्यम से समुदाय को जागरूक किया गया कि बच्चों की शिक्षा एवं सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है।बच्चों को प्रेरित करने हेतु पंचायत एवं शिक्षकगण द्वारा नियमित मार्गदर्शन किया गया।

उपलब्धियों को स्थायी बनाए रखने हेतु ग्राम पंचायत की कार्ययोजना

पंचायत द्वारा बाल हितैषी कार्यों को स्थायी बनाए रखने हेतु कार्ययोजना तैयार की गई है। ग्रामसभा एवं पंचायत बैठकों में बच्चों के मुद्दों को नियमित एजेंडा में रखा जाएगा। विद्यालय का सतत निरीक्षण एवं उपस्थिति की निगरानी जारी रहेगी। स्वच्छता अभियान को नियमित रूप से संचालित कर स्कूल एवं गांव को स्वच्छ बनाए रखा जाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं सुरक्षा से संबंधित योजनाओं का समन्वय कर लाभ बच्चों तक पहुँचाया जाएगा। पंचायत का लक्ष्य है कि गांव में शतप्रतिशत नामांकन, शून्य ड्रॉपआउट और सुरक्षित बाल वातावरण सुनिश्चित किया जाए ।
ग्राम पंचायत कछिया द्वारा शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं बाल सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्य अन्य ग्रामों के लिया प्रेरणास्त्रोत है जिससे अन्य पंचायत भी गांव को एक आदर्श बाल हितैषी पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में अग्रसर हो सकें।

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