September 19, 2026 |

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छत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेशबलरामपुरव्यापार

नहर निर्माण में भारी अनियमितता,अधिकारी मौन,,,आखिर जिम्मेदार कौन…

बलरामपुर। रामानुजगंज चिनिया जलाशय में नहर  लाइनिंग निर्माण कार्य के नाम पर काम की जमकर भर्राशाही की जा रही है एक तरफ नहर बन रहा है तो वहीँ दूसरी ओर दरारें पड़ जा रही है।निर्माण कार्यों में घटिया सामग्रियों का उपयोग से में कई गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग रहे हैं।वहीँ इस मामले में जल संसाधन के जिम्मेदार अधिकारी आँखें मूंदे हुए हैं।
रामानुजनगंज जल संसाधन विभाग के द्वारा चिनिया जलाशय में 2 करोड़ 14 लाख 29 हजार रुपए की लागत से 400 मीटर लंबाई के नहर का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है।जिससे आने वाले समय में किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने पहुँच सके।परंतु निर्माण कार्यो को देखकर लगता नही है कि किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा।जल संसाधन विभाग द्वारा नहर विस्तार के कार्यो में घोर लापरवाही बरती जा रही है।यहाँ आपको बता दे कि जिस निर्माण एजेंसी को निर्माण कार्य मे ठेका दिया गया है वह काम ना करके पेटी कांटेक्ट में दूसरे को दे दिया है।अब ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि कार्य का गुणवत्ता कैसे होगी।नहर के निर्माण के समय ही जब नहर में दरारें पड़ जा रही है तो वह कितना समय तक टिक पायेगा यह चिंतनीय विषय है।पूरे नहर निर्माण कार्य में कहीं भी ठेकेदार के द्वारा वाइब्रेटर का कोई उपयोग नहीं किया जा रहा है जिससे काम में सवाल उठना लाजिमी है। ज्ञात हो कि वाइब्रेटर चलाने से सीमेंट गिट्टी मटेरियल की खपत ज्यादा होती है जिसको बचाने के लिए ठेकेदार आनन फानन में निर्माण कार्य को पूरा करने में लगे है ।

शासन को ऐसे कांट्रेक्टर ठेकेदारों को चिन्हांकित कर इन पर वैधानिक कार्रवाई करनी चाहिए और इन पर ब्लैक लिस्ट जैसी कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि खुद काम ना कर कर ऐसे लोगों को काम देते हैं जो गुणवत्ता को ताक पर रखकर काम करते हैं।देखा जाए तो निर्माण स्थल पर साइन बोर्ड गायब भी है जिससे आम नागरिकों का निर्माण कार्यों कि लागत मापदंड संबंधित ठेकेदार के फर्म सहित अधिकारियों का नाम नंबर पता चल सके जिसे लेकर स्थानीय और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी निर्माण कार्यों पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं।

आपको बताते चलें कि यह वही जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक 2 है जहां पूर्व में EE व अन्य अधिकारी कर्मचारियों पर सस्पेंशन की कार्रवाई की गई थी साथ-साथ उन पर अपराध भी पंजीबद्ध किया गया था।

सुरेंद्र कुमार राठिया सब इंजीनियर

जब एसडीओ से पत्रकार साथियों ने बयान लेने चाहा तो उन्होंने बयान देने से मना कर दिया जिसके बाद सुरेंद्र कुमार राठिया सब इंजीनियर से जब इस निर्माण के संबंध में बात किया गया तो उन्होंने कहा है कि ठेकेदार के द्वारा काम मेरे हिसाब से सही काम किया जा रहा है।

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