November 3, 2026 |

BREAKING NEWS

जिले में 772 मतदान केन्द्रों का प्रकाशन, 12 नवंबर को आएगी प्रारूप मतदाता सूचीसशक्त नारी,युवा उड़ान थीम पर बलरामपुर में राज्योत्सव,योजनाओं की लगी प्रदर्शनी, लोकनृत्यों से सजी सांस्कृतिक संध्यापटवारियों को हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का अल्टीमेटम,संभाग के सभी 819 पटवारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देशमीडिया कर्मियों के लिए स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा सुरक्षा योजना,योजना के प्रारूप पर आज से सुझाव आमंत्रितस्कॉर्पियो में क्रूरतापूर्वक मवेशी भरकर झारखंड ले जा रहा तस्कर गिरफ्तार,वाहन और मवेशी जप्तमां पर कुदाली से जानलेवा हमला करने वाला कलयुगी बेटा गिरफ्तारकोरिया में संभागीय आबकारी उड़नदस्ते की बड़ी कार्रवाई,56 लीटर अवैध महुआ व हड़िया शराब जब्तराजपुर के अग्रसेन भवन में विधानसभा स्तरीय प्रबुद्धजन सम्मेलन संपन्न,वरिष्ठजनों का हुआ सम्मान2 नवंबर को सजेगा राज्योत्सव का भव्य मंच,’सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर जुटेंगे ख्याति प्राप्त और स्थानीय कलाकारचेकडैम निर्माण में गुणवत्ता से समझौता पड़ा भारी,तकनीकी सहायक की संविदा समाप्त
आस्थाछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेशदेशबलरामपुरलाइफस्टाइल

प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा पहाड़ी में शान से गहरा तिरंगा

कुसमी| बलरामपुर जिले के कुसमी ब्लाक में मौजूद छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची पहाड़ी की चोटी गौरलाटा पर 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्राम के सरपंच, सचिव और ग्रामीणों ने दुर्गम रास्तों से पैदल चलकर नदी नालों को पार करते हुए तिरंगा लहराया। 1225 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचकर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा झंडा फहराया गया।

आजादी का पर्व केवल इतिहास को याद करने का दिन नहीं, बल्कि उन अनगिनत नायकों को सलाम करने का अवसर भी है, जिन्होंने अपने साहस और समर्पण से तिरंगे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। ग्राम पंचायत इदरीपाठ की सरपंच चमेली बाई, सचिव मुकेश गुप्ता सहित ग्रामीण ने प्रदेश की सर्वोच्च ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराकर यह साबित कर दिया कि मेहनत और जज्बे के आगे कोई भी शिखर ऊंचा नहीं। कठिन, जोखिम, तेज हवाओं और खड़ी चढ़ाई बीच भी इनके कदम कभी नहीं रुके। छोटी की शिखर पर पहुंचकर इन ग्रामीणों ने गर्व से तिरंगा फहराया और देश को संदेश दिया कि असली ऊंचाई वही है, जहां राष्ट्रध्वज लहराता है। उनके साहसिक अभियान यह साबित करते हैं कि चुनौतियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मजबूत इरादा और देशप्रेम से हर शिखर को जीता जा सकता है। गौरलाटा तक पहुंचने के लिए दुर्गम रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। रास्ते में बड़ी-बड़ी चट्टानें नदी नाले और जीव-जंतुओं का डर बना रहता है. लेकिन सरपंच, उपसरपंच, सचिव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने हौंसला दिखाते हुए दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर घंटों पैदल चलकर पहाड़ी की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचकर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा झंडा फहराया।

छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी है गौरलाटा

बलरामपुर जिले के चांदो वन परिक्षेत्र अंतर्गत छत्तीसगढ़ झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्र में घने जंगलों के बीच यह गौरलाटा पहाड़ी है। इसकी ऊंचाई 1225 मीटर है जो कि छत्तीसगढ़ राज्य की सबसे ऊंची चोटी है। गौरलाटा के बाद छत्तीसगढ़ की दूसरी सबसे ऊंची चोटी मैनपाट 1152 मीटर की ऊंचाई पर है।

लोगों की पहुंच से दूर है गौरलाटा

छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा अब तक लोगों की पहुंच से दूर है। इसका कारण यह है कि लोग इसके बारे में जानते ही नहीं है। पर्यटन की दृष्टि से भी यहां कोई विकास नहीं हो सका है। जिसकी वजह इसकी जानकारी बाहर के लोगों को नहीं है। आसपास गांव के स्थानीय ग्रामीण ही इसके बारे में जानते हैं। शासन- प्रशासन यदि इस पर ध्यान दे तो आने वाले समय में यह छत्तीसगढ़ के पर्यटन नक्शे पर दिखाई देगा।

Related Articles

Check Also
Close
error: Content is protected !!