
बलरामपुर। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में धान खरीदी, प्रधानमंत्री आवास, स्वाास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री आर.एस. लाल, श्री चेतन बोरघरिया, श्री अभिषेक गुप्ता, सर्व अनुविभागीय अधिकारी एवं विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
पारदर्शी एवं व्यवस्थित धान खरीदी करने नियमित मॉनिटरिंग :-
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने जिले में समर्थन मूल्य पर चल रही धान खरीदी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने धान उपार्जन की प्रगति, धान उठाव की स्थिति, बारदाना की उपलब्धता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ बेहतर तरीके से निर्वहन करें।
कलेक्टर श्री कटारा ने अवैध धान की आवक पर सतत निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि अंतर्राज्यीय सीमाओं पर 24 घंटे कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी वाहनों की सघन जांच करने तथा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। साथ ही अवैध रूप से धान खपाने वाले कोचियों एवं बिचौलियों पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने धान खरीदी केंद्रों में काटे गए डीओ एवं उपार्जन केंद्रों से धान उठाव की व्यवस्था को समयबद्ध एवं सुचारू रूप से करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कलेक्टर श्री कटारा ने कहा कि खरीदी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से हो इसके लिए अधिकारी नियमित रूप से धान खरीदी केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग करें। ताकि जिले में धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके।

लक्ष्य अनुरूप प्रगति लाने पीएम आवास योजना का करें प्रभावी क्रियान्वयन :-
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की विकासखंडवार समीक्षा करते हुए योजना की साप्ताहिक प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने आवास निर्माण की प्रगति, स्वीकृत आवासों की स्थिति एवं पूर्णता की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को प्रगति लाने निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की भी प्रगति की जानकारी लेते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास का लाभ मिलना सुनिश्चित करे। कलेक्टर श्री कटारा ने संबंधित अधिकारियों को बेहतर क्रियान्वयन हेतु नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर जरूरतमंद को मिल सके। इसके लिए अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें।
पहाड़ी कोरवा परिवारों को प्राथमिकता से लाभान्वित करने के निर्देश :-
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान उन्होंने मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से किए जा रहे स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा परिवारों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री कटारा ने चिरायु योजना की भी समीक्षा करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखण्डवार आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदन कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और मिशन मोड में कार्य करते हुए पहाड़ी कोरवा परिवारों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान कलेक्टर श्री कटारा ने मौसम को देखते हुए ठंड के दौरान अलाव से होने वाली दुर्घटनाओं के प्रति आमजन को जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अलाव जलाते समय आवश्यक सावधानियां अवश्य बरतें, ताकि आगजनी एवं अन्य दुर्घटनाओं से बचाव किया जा सके। कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा ने पोषण पुनर्वास केंद्र के संचालन की जानकारी लेते हुए इसके बेहतर एवं प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनआरसी में भर्ती कुपोषित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, पोषण आहार एवं नियमित स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करें। उन्होंने एनआरसी से डिस्चार्ज के पश्चात बच्चों की नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बाल विवाह रोकथाम के लिए सतत निगरानी पर जोर :-
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने बाल विवाह की रोकथाम को लेकर किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा है, जिस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए संभावित बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने जनजागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए जागरूक करें।



