
बलरामपुर/वाड्रफनगर। अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी के विरूद्ध चौकी वाड्रफनगर पुलिस की बड़ी कार्यवाही, करीब 30 लाख से अधिक का मादक पदार्थ गांजा किया गया बरामद। पुलिस ने आरोपियों से अम्बिकापुर से उत्तर प्रदेश जा रही महिन्द्रा बस से झोले व बैग में छिपाकर उत्तर प्रदेश ले जा रहे करीब 92 किलोग्राम अवैध नशीला पदार्थ गांजा को जप्त किया है।
उत्तर प्रदेश व छत्तीसगढ़ के सरहदी एरिया में पुलिस के द्वारा लगातार पेट्रोलिग एवं एम.सी.पी. की कार्यवाही की जा रही है। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर द्वारा जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारियों को मादक पदार्थों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने तथा परिवहन में सम्मिलित आरोपियों के विरूध कठोर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है।
इस तारतम्य में दिनांक 20.07.2025 को मुखबीर से सूचना मिली कि गांजा तस्करों के द्वारा अम्बिकापुर से उत्तर प्रदेश जा रही महिन्द्रा बस क्रमांक यूपी 17 एटी 3835 में 4 लोग सीट नंबर 7, 8 एवं एल-4 यूएस-3 में बैठ कर अपने बैग झोला में भारी मात्रा में मादक पदार्थ गांजा लेकर बेचने हेतु बनारस उत्तर प्रदेश ले जा रहे हैं। सूचना प्राप्त होने पर थाना प्रभारी बसंतपुर निरीक्षक जितेन्द्र सोनी के नेतृत्व में स.उ.नि. पुष्पराज सिंह स्टाफ के साथ महिन्द्रा बस क्रमांक यूपी 17 एटी 3835 को घेराबंदी कर बस को पुलिस चौकी वाड्रफनगर के सामने रूकवा कर बस वाहन की विधिवत तलाशी लिया गया। तलाशी लेने पर मुखबिर की सूचना अनुसार चारो आरोपियों से कुल 92 कि.ग्रा. गांजा एक-एक किलो पैकेट वाला बरामद किया गया। आरोपियों से अवैध मादक पदार्थ गांजा कुल 92 कि.ग्रा. जप्त किया गया है। जप्त मादक पदार्थ गांजा की कुल कीमत करीब 30 लाख के करीब है। अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी करने वाले चारों आरोपियों राज मुण्डा पिता रवि मुण्डा जाति मुण्डा उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम वार्ड नंबर 17 महेशडीह थाना टाऊन सुन्दरगढ़ जिला सुन्दरगढ़ उडीसा सोनू बरूवा पिता मदन बरूवा जाति उरांव उम्र 25 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 16 टेंगीबाड़ी मेशहडीह टाऊन सुन्दरगढ़ जिला सुन्दरगढ़ उड़ीसा विक्रम भेंगरा पिता लिनियुस भँगरा जाति मुण्डा उम्र 23 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 16 लूराडीपा थाना टाऊन सुन्दरगढ़ जिला सुन्दरगढ़ उडीसा एवँ विजय सेर्देरिया पिता संजय सेर्देरिया जाति घासी उम्र 23 वर्ष निवासी परगति नवापड़ा थाना टाऊन सुन्दरगढ़ जिला सुन्दरढ़ उडीसा के विरूद्ध चौकी वाड्रफनगर में अपराध पंजीबद्ध कर धारा 20 (बी) (आईआई)(सी) एन.डी.पी.एस. एक्ट दर्ज कर विधिक कार्यवाही करते हुए आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।



