November 7, 2026 |

BREAKING NEWS

बोलेरो की स्टेपनी चोरी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार40 लाख की लागत से बना छठ घाट विवादों में,निरीक्षण के बाद भड़के सांसद चिंतामणि महाराजदीपावली पर खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच, 22 प्रतिष्ठानों से 11 नमूने परीक्षण हेतु भेजे गएश्रीमती अर्पणा दीक्षित बनीं रक्षा गौधाम फाउंडेशन की बलरामपुर जिलाध्यक्षसामरी विधायक की पहल पर शंकरगढ़ बालक हायर सेकेंडरी स्कूल को मिली नए भवन की सौगात,छात्राओं ने किया स्वागतछठ पूजा सेवा समिति अध्यक्ष चुने गए महेंद्र अग्रवाल,महापर्व के सफल आयोजन का लिया संकल्पनिजी अस्पतालों में नर्सिंग होम एक्ट के पालन की जांच,वाड्रफनगर व महावीरगंज में संयुक्त टीम ने किया निरीक्षणआमकोना व चंपानगर में जनसंपर्क समस्या निवारण शिविर,ग्रामीणों की सुनी समस्याएंडिजिटल क्रॉप सर्वे में पारदर्शिता,ग्राम सभाओं में पढ़ी जा रहीं फसल प्रविष्टियां,10 नवंबर तक होगा दावा-आपत्ति का निराकरणअवैध महुआ शराब पर आबकारी विभाग की कार्रवाई, 20 लीटर शराब व 60 किलो लाहन जप्त
आस्थाकोरियाक्राइमखेलगैजेट्सचिकित्साचुनावछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेशटेक्नोलॉजीदुर्घटनाबलरामपुरमनोरंजनराजनीतिलाइफस्टाइलव्यापारशिक्षा

इलेक्टरोल बांड है घोटाला,,,भाजपा करा रही है सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग…सुनील सिंह

बलरामपुर/राजपुर। केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी के द्वारा इलेक्टोरल बांड घोटाला को छुपाने की कोशिश हो रही है और सरकारी एजेंसियों ई.डी,सीबीआई का दुरुपयोग निरंतर किया जा रहा है।
चुनावी चंदा घोटाला के लिए भाजपा की मान्यता रद्द की जानी चाहिए भ्रष्टाचार का इससे बड़ा नमूना इतिहास में और कुछ भी नहीं है मोदी सरकार ने देश की कंपनियों पर ईडी सीबीआई से छापा मरवा कर भाजपा के लिए चंदा वसूलने का जो काम किया है और इलेक्ट्रोल बांड से संबंधित जो जानकारी सामने आई है उसे अब यह साफ हो गया है कि इलेक्टोरल बांड मोदी सरकार द्वारा भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया था यह देश का अब तक का सबसे बड़ा चुनावी चंदा घोटाला है। मोदी सरकार ने व्यावसायिक संस्थानों को केंद्रीय एजेंसीयों के माध्यम से डलवाकर छापे मरवा कर गलत कार्यवाही करवा कर इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से वसूली करवाया है। इलेक्टोरल बांड के माध्यम से मोदी सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से घुस वसूली की है जिन कंपनियों ने भाजपा को चुनावी चंदा दिया उनको हजारों करोड़ों रुपए के ठेके दिए गए जिन कंपनियों ने भाजपा को चंदा दिया उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही मोदी सरकार ने रोक दी इलेक्टोरल बांड से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद अब यह साफ हो गया है कि भाजपा ने अपने आर्थिक लाभ के लिए सारा षडयंत्र किया स्टेट बैंक इन तथ्यों को छुपाने की भरपूर कोशिश कर रहा था जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार 1300 से अधिक कंपनियों और व्यक्तियों ने इलेक्ट्रोल बंद के रूप में जो दान दिया है 2019 के बाद से भाजपा को लगभग 6000 करोड रुपए से अधिक का दान मिला है ऐसी कंपनियों के मामले हैं जिन्होंने इलेक्ट्रोल बंद दान दिया है और इसके तुरंत बाद इन कंपनियों ने मोदी सरकार से भारी लाभ प्राप्त किया है मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रा ने 800 करोड रुपए से अधिक इलेक्टोरल बांड में दिए हैं अप्रैल 2023 में उन्होंने 140 करोड़ डोनेट किया और ठीक 1 महीने बाद उन्हें 14400 करोड रुपए की थाने बोरीवली ट्विन टनल प्रोजेक्ट मिल गया इसी तरह जिंदल स्टील एंड पावर ने 7 अक्टूबर 2022 को इलेक्टोरल बांड में 25 करोड रुपए दिए और सिर्फ तीन दिन बाद 10 अक्टूबर को गारे पाल्मा 4/6कोयला खदान हासिल करने में कामयाब हो गई भाजपा ने इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से हफ्ता वसूली की आईडी सीबीआई आईटी के माध्यम से कंपनियों पर छाप मारो और कंपनी की सुरक्षा के लिए दान के रूप में हफ्ता वसूली की शीर्ष के 30 चंदा दाताओं के ऊपर कम से कम 14 छापे मारे गए इस साल के शुरुआत में जांच में पाया गया कि ईडी सीबीआई आईटी छापे के बाद कंपनियों को चुनावी ट्रस्टों के माध्यम से भाजपा को दान देने के लिए मजबूर किया हेटेरो फार्मा और यशोदा अस्पताल जैसी कहीं कंपनियों ने इलेक्ट्रोल बांध के माध्यम से चंदा दिया है इनकम टैक्स विभाग ने 2023 में श्री साईं इलेक्ट्रिकल पर छापा मारा और जनवरी 2024 में उन्होंने इलेक्ट्रोल बंद के माध्यम से 40 करोड रुपए दान दिया फ्यूचर गेमिंग एंड होटल ने 1200 करोड रुपए से अधिक का दान दिया जो अब तक के आंकड़ों में सबसे बड़ा दानदाता है इसकी पूरी क्रोनोलॉजी समझने में यह बात स्पष्ट आ जाती है कि 2 अप्रैल 2022 के ईडी नेफ्यूचर पर छापा मारा और 5 दिन बाद 7 अप्रैल को उन्होंने इलेक्ट्रोल बांड में 100 करोड रुपए का दान किया अक्टूबर 2023 में आईटी विभाग ने फ्यूचर पर छापा मारा और इस महीने उन्होंने इलेक्ट्रोल बांड में 65 करोड रुपए का दान दिया इलेक्ट्रॉन बांड के माध्यम से मोदी सरकार ने रिश्वत लेने का नया तरीका खोजा आंकड़ों से एक पैटर्न उभरता है जिसमें केंद्र सरकार से कुछ मदद मिलने के तुरंत बाद कंपनियों ने चुनावी बांड के माध्यम से एहसान चुका दिया है वेदांता ने 3 मार्च 2021 को राधिकापुर पश्चिम प्राइवेट कोयला खदान लिया और फिर अप्रैल 2021 में चुनावी बांड में 25 करोड रुपए का दान किया मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रा का अगस्त 2020 में 4500 करोड़ का जो जिला सुरंग का प्रोजेक्ट मिला और अक्टूबर 2020 में उन्होंने इलेक्ट्रोल बांड में 20 करोड रुपए का दान कर दिया मेघा को दिसंबर 2022 में बीकेसी बुलेट ट्रेन स्टेशन का कॉन्ट्रैक्ट मिला और उन्हें इस महीने 56 करोड रुपए का दान भाजपा को दे दिया इलेक्ट्रोल बंद घोटाला भाजपा के बाद नियति और भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा सबूत है इसीलिए कांग्रेस चुनाव आयोग और राष्ट्रपति से मांग करती है कि इसका कदाचरण के लिए भाजपा की मान्यता समाप्त करके उसके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाए।
केंद्रीय एजेंसीयों का दुरुपयोग करने का मामला छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की छवि खराब करने के षड्यंत्र में लगी हुई है भाजपा ने ईडी के माध्यम से महादेव के नाम पर ईडी के पत्र के आधार पर ईओडब्ल्यू द्वारा लिखी गई एफआईआर लोकसभा चुनाव के ठीक पहले दर्ज की है एडी की सारी कार्यवाही टाइमिंग भाजपा के राजनीतिक को लाभ पहुंचाने के लिए ही क्यों की जाती है यह ईओडब्ल्यू को स्पष्ट करना चाहिए। यह समझ से परे है कि केंद्र सरकार महादेव पर प्रतिबंध क्यों नहीं लग रही है भूपेश बघेल के खिलाफ दर्ज किए गए फिर का आधार क्या है जो असीम दास से रुपए ईडी ने बरामद किए थे उसके पास रुपए कहां से आए ईडी ने उसकी जांच क्यों नहीं की असीम दास की फोटो भाजपा नेताओं के साथ आई है तो ईओडब्ल्यू ने उन दोनों का नाम फिर में दर्ज क्यों नहीं किया शुभम सोनी की वीडियो बाइट भाजपा ने जारी किया शुभम सोनी के भाजपा से क्या संबंध है ईडी ने इसकी जांच क्यों नहीं की सौरभ चंद्राकर रवि उतप्पल के फोटो भाजपा नेताओं के साथ सार्वजनिक है उन दोनों से पूछताछ क्यों नहीं की शुभम सोनी सौरभ चंद्राकर रवि उप्पल को एड गिरफ्तार कर दुबई से वापस क्यों नहीं ला रही है ईडी ने ई ओ डब्लु के इस मामले में जो पत्र लिखा था उसमें कुछ आईपीएस व अन्य अधिकारियों के नाम है ईओडब्ल्यू ने उन अधिकारियों के नाम एफआईआर में क्यों छोड़ा असीम दास की गिरफ्तारी के समय जी इनोवा गाड़ी से रुपए जप्त हुए उसके मालिक भाजपा विधायक अमर अग्रवाल के भाई हैं उनसे ईडी ने कब पूछताछ किया है शुभम सोनी जब दुबई के काउंसलर के समक्ष बयान देने गया था तब उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया असीम दास के तथा कथित बयान के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री पर मुकदमा दर्ज किया गया था उसे बयान में असीम दास ने अदालत में खडंन भी किया था तथा कहा था कि यह बयान ईडी के दबाव में दिया उसके बाद भी भूपेश बघेल पर मुकदमा दर्ज किया गया उसे असीम दास के साथ संबंधों के आधार पर भाजपा नेताओं से पूछताछ भी नहीं किया गया है यह ईडी के षड्यंत्र  को बताने के लिए पर्याप्त है। कुल मिलाकर कहानी है कि मोदी वाशिंग मशीन में धुलने के बाद लोगों के सारे काले कारनामे सफेद हो जाते हैं और दमन के सारे दाग धुल जाते हैं परंतु बीजेपी के विरोध में अगर कोई सच बोल रहा है तो ईडी और सीबीआई उसके पीछे लगा जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
error: Content is protected !!