
राजपुर (बलरामपुर)। वन परिक्षेत्र राजपुर अंतर्गत उप परिक्षेत्र बरियों के ग्राम परसवारकला (बड़खापारा) में जंगली हाथी के हमले से एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान सुटरूंग कौशिक (53 वर्ष), पिता गोहन्दुल कौशिक के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक सुटरूंग कौशिक पारिवारिक विवाद के चलते शराब के नशे में अपनी पुत्री के घर जा रहे थे। रास्ते में महान नदी पार कर आ रहे ‘कबरा’ नामक जंगली हाथी से उनका आमना-सामना रात करीब 7:05 बजे हो गया। हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी जान चली गई। घटना के बाद हाथी ग्राम रेवतपुर होते हुए जंगल की दिशा में निकल गया।
पुलिस व वन विभाग की त्वरित कार्रवाई
हाथियों की निगरानी और जागरूकता प्रसार में जुटे वन कर्मचारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। रात होने के कारण 30 सितंबर की सुबह पुलिस ने मौका पंचनामा और मर्ग कायम किया। चिकित्सकों की टीम ने मौके पर ही शव का पोस्टमार्टम संपन्न कराया, जिसके बाद पार्थिव शरीर परिजनों को अंतिम संस्कार हेतु सौंप दिया गया।

परिजनों को आर्थिक सहायता
वन विभाग द्वारा मृतक के वैध उत्तराधिकारी, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कुलेश्वरी कौशिक को 25,000 रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, शेष 5,75,000 रुपये की मुआवजा राशि आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही प्रदान कर दी जाएगी।इस दौरान उप वनमंडलाधिकारी रविशंकर श्रीवास्तव राजपुर रेंजर अजय वर्मा सहित अन्य वन्यकर्मी उपस्थित थे।
विभाग की ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में ‘गज संकेत’ ऐप और स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से हाथियों के विचरण की लगातार जानकारी दी जा रही है। साथ ही वन अमला व ‘हाथी मित्र दल’ के सदस्य लगातार गश्त कर रहे हैं।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि रात के समय पगडंडी या सुनसान रास्तों पर आवागमन न करें।हाथियों की मौजूदगी के दौरान अनावश्यक भीड़ न जुटाएं और जंगल की ओर जाने से बचें। हाथी दिखाई देने पर स्वयं छेड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचित करें।



