सरगुजा। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा ने सूरजपुर जिले में अवैध व मिलावटी शराब के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने कुमदा बस्ती में दबिश देकर भारी मात्रा में नकली ढक्कन, नामी ब्रांड्स के रैपर (लेबल), खाली बोतलें और मिलावटी शराब बरामद की है। मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गश्त के दौरान मुखबिर से मिली थी सूचना
25 सितंबर को सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में उड़नदस्ता टीम सूरजपुर क्षेत्र में गश्त पर थी। शाम के समय कुमदा चौक पर मुखबिर से सूचना मिली कि कुमदा बस्ती निवासी चंद्रप्रकाश राजवाड़े अपने घर पर बड़े पैमाने पर नकली व मिलावटी शराब तैयार कर बेच रहा है। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने तुरंत संदिग्ध के मकान पर छापेमारी की।

कमरे का नजारा देख टीम रह गई दंग
घर की तलाशी के दौरान एक कमरे में अवैध शराब पैकेजिंग का पूरा सेटअप देखकर टीम हैरान रह गई। मौके से विभिन्न ब्रांडेड शराबों के ढक्कन, लेबल और मिलावटी माल बरामद किया गया, जिसमें लगभग 2,500 नग विभिन्न ब्रांड्स के ढक्कन, लगभग 200 नग नामी शराब कंपनियों के नकली रैपर/लेबल, भारी संख्या में खाली शीशियां, मैकडॉवल नंबर-1, रॉयल स्टैग, गोवा और इंपीरियल ब्लू की बोतलों में भरी लगभग 12 लीटर मिलावटी शराब मिली।
पूर्व में शराब दुकान में काम कर चुका है आरोपी
पूछताछ में आरोपी चंद्रप्रकाश राजवाड़े ने खुलासा किया कि वह लगभग एक साल पहले सूरजपुर स्थित विदेशी मदिरा दुकान में काम करता था। वहां का काम छोड़ने के बाद उसने अपने इसी अनुभव का दुरुपयोग कर घर पर ही मिलावटी शराब बनाकर बेचने का अवैध धंधा शुरू कर दिया।
आबकारी एक्ट की गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज
आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1), 34(2), 38(क) और 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। 26 सितंबर को आरोपी को सूरजपुर न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में मिलावटी शराब से हुई मौतों के बाद छत्तीसगढ़ आबकारी आयुक्त ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। संभाग में अवैध व नकली शराब माफियाओं के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
उक्त कार्रवाई संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी इंद्रबली मार्कंडेय के दिशा-निर्देशन एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में संपन्न हुई। टीम में आबकारी उपनिरीक्षक टी.आर. केहरी, सहायक उपनिरीक्षक रमेश दुबे, प्रधान आरक्षक अशोक सोनी और नगर सैनिक रोहित सोनवानी की सक्रिय भूमिका रही।



