
बलरामपुर। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय रामानुजगंज में फर्नीचर खरीदी में कथित अनियमितता की शिकायत के बाद जांच के लिए अपर कलेक्टर प्रमोद गुप्ता बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। हालांकि, कार्यालय के भंडार प्रभारी के अवकाश पर रहने के कारण आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे जांच प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित करना पड़ा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, संबंधित भंडार प्रभारी की उपस्थिति सुनिश्चित होने के बाद पुनः जांच की तिथि निर्धारित की जाएगी और दस्तावेजों के परीक्षण के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
जांच को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही तरह तरह की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने स्पष्ट किया कि शिकायतों की जांच होना एक नियमित और स्वाभाविक प्रशासनिक प्रक्रिया है। जांच अधिकारी को पूर्व पत्राचार के माध्यम से निरीक्षण की तिथि की सूचना देनी चाहिए थी, ताकि भंडार प्रभारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके। इससे सभी संबंधित अभिलेख और सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जा सकती, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरी होती।”
पाठ्यक्रम के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी विशेष जोर
जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव लगातार जिले भर के विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। निरीक्षण के दौरान वे केवल पाठ्यक्रम की प्रगति की समीक्षा ही नहीं कर रहे, बल्कि छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।
उनका मानना है कि विद्यालयी शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मार्गदर्शन विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से वे निरीक्षण के दौरान नियमित रूप से विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें लक्ष्य निर्धारित करने, अनुशासित अध्ययन करने तथा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।



