
बलरामपुर। जिले के रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम चिनिया में शनिवार सुबह एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। जंगली हाथियों के हमले में 14 वर्षीय किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त है और ग्रामीणों में भय व्याप्त है।
घटना शनिवार की सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है। मृतक पिंकी कुमारी (उम्र 14 वर्ष), पिता बंबइया, निवासी बरदरिया अपने रिश्तेदारों के यहां ग्राम चिनिया आई हुई थी। वह जंगल में महुआ बीनने के लिए गई थी। इसी दौरान अचानक करीब 22 हाथियों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। हाथियों के हमले से किशोरी को संभलने का मौका भी नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।घटना के समय पास में मौजूद महावीरगंज का एक व्यक्ति भी हाथियों के झुंड की चपेट में आने से बाल-बाल बचा। उसने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथियों का यह दल पिछले तीन दिनों से लगातार क्षेत्र में घूम रहा था, जिससे पहले से ही ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन अमले ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।स्थानीय लोगों के अनुसार, हाथियों का झुंड पिछले तीन दिनों से आसपास के जंगलों और गांवों में लगातार विचरण कर रहा था।इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। ग्रामीण अब जंगल की ओर जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों की बढ़ती गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं। साथ ही वन विभाग द्वारा गश्त बढ़ाने, चेतावनी सिस्टम लागू करने और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की भी मांग की गई है।



