July 22, 2026 |

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करोड़ो की लागत से निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की गुणवत्ता पर सवाल,,,तेज हवाओं से भरभरा कर गिरा रेलिंग…

राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम लडुवा नवापारा में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में हल्की आंधी के दौरान भवन की रेलिंग का भरभराकर गिर जाना निर्माण कार्य की मजबूती पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। घटना दो दिन पूर्व की बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि उस समय मौके पर कोई मजदूर मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसी घटना विद्यालय प्रारंभ होने के बाद छात्रों के रहने के दौरान होती, तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।

       जानकारी के अनुसार, लडुवा नवापारा में लगभग 38 करोड़ रुपये की लागत से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास किया गया था और निर्माण कार्य की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की एजेंसी को सौंपी गई है। जबकि इसकी मॉनिटरिंग राज्य स्तर से की जा रही है। निर्धारित समय सीमा में भवन निर्माण पूर्ण किया जाना था, लेकिन समय सीमा बीतने के बावजूद कार्य अधूरा है। विभाग द्वारा ठेकेदार को अतिरिक्त समय भी दिया गया है, इसके बावजूद निर्माण की गति और गुणवत्ता दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।

      ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि भवन निर्माण में उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए था, लेकिन मौके पर स्थानीय स्तर की ईंटों और कम मात्रा में सीमेंट के उपयोग की बात सामने आ रही है। इससे भवन की मजबूती और सुरक्षा को लेकर संदेह उत्पन्न हो रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कार्य में जल्दबाजी दिखाई जा रही है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

      स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण स्थल पर नियमित रूप से पानी की तराई भी नहीं की जा रही है, जो किसी भी पक्के निर्माण के लिए आवश्यक होती है। उनका कहना है कि यदि सही तरीके से क्यूरिंग नहीं की जाएगी, तो भवन की मजबूती प्रभावित होना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जाते हैं, तो निर्माण एजेंसी के साइट इंचार्ज हस्तक्षेप से मना कर देते हैं। बताया जा रहा है कि साइट प्रभारी यह कहकर ग्रामीणों को रोकते हैं कि यह केंद्र सरकार की परियोजना है और इसकी मॉनिटरिंग उच्च स्तर से हो रही है, इसलिए स्थानीय हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।

        सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार को अब तक लगभग 18 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है, जबकि निर्माण कार्य अभी अधूरा है और गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा जल्दबाजी में कार्य पूरा करने के प्रयास में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है।

        ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस आवासीय विद्यालय में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। साथ ही उन्होंने निर्माण एजेंसी की निगरानी बढ़ाने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। फिलहाल इस घटना के बाद क्षेत्र में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर असंतोष का माहौल है और लोग जल्द उचित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

    सुश्री समीक्षा जायसवाल, सहायक आयुक्त बलरामपुर ने बताया कि यह सेंट्रल एजेंसी का कार्य है, जिसकी मॉनिटरिंग राज्य स्तर से की जाती है। मामले की जानकारी राज्य स्तर पर दे दी गई है और शीघ्र ही जांच कराई जाएगी।

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