November 1, 2026 |

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छत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेशबलरामपुर

कुसमी- कोरंधा सड़क निर्माण में ठेकेदार की मनमानी, निर्माणाधीन पुल में गुणवत्ता की कमी व भ्रष्टाचार

पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कुसमी- कोरंधा निर्माणाधीन मार्ग सड़क पर पुल-पुलिया निर्माण में अनियमितता बरती जा रही है। पुल निर्माण में निर्धारित गहराई से हटकर ठेकेदार मनमानी से काम कर रहे हैं। इसे लेकर लगातार शिकायतें हो रहीं हैं लेकिन इन पर अंकुश लगाने के बजाय अधिकारी इन्हें संरक्षण दिए हुए हैं। जबकि निर्धारित गहराई से हटकर काम एक गंभीर सुरक्षा उल्लंघन है, क्योंकि इससे पुल की नींव कमजोर हो सकती है।

गौरतलब है कि कुसमी- कोरंधा तक 15.4 किमी सड़क निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग उपसंभाग कुसमी द्वारा करीब 44 करोड़ 71 लाख 24 हजार रूपए की लागत से अंबिकापुर की एक कंपनी से ठेका पर करवाया जा रहा है। ठेका कंपनी द्वारा मनमानी तरीक़े से पुल-पुलिया व तटबंध का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। बिनगंगा नदी पर 3 नग पुल का निर्माण होना है। नदी पर पहले पार्ट ने बन रहे पुल का निर्माण तय मानक अनुरूप नहीं कराया जा रहा है। पुल निर्माण के लिए नींव की खोदाई तय गहराई से अपेक्षाकृत कम गहराई की गई है। इससे संरचनात्मक विफलता का खतरा बढ़ सकता है। यह काम की गुणवत्ता में कमी या भ्रष्टाचार भी कारण हो सकता है। पुल के बेड निर्माण में भी गुणवत्ताहीन सामग्री, मिट्टी युक्त खराब रेत व कम सीमेंट का उपयोग किया गया है। ठेकदार ने पुल के बेड लेवल स्ट्रेक्चर पर हुए दरारों को छुपाने के लिए जगह- जगह रिपेयरिंग भी की है। वहीं निर्माण एजेंसी के सुरक्षा मानकों की अंदेशी की गई है। निर्माणाधीन सड़क की धीमी गति और उड़ने वाली धूल से स्थानीय लोगों की मुख्य समस्या में शुमार हो चुकी है। हवा में धूल का स्तर बढ़ने से लोग परेशान हैं। सड़क पर नियमित रूप से पानी की तराई नहीं की जा रही, इससे सुबह से लेकर देर रात तक सड़क पर धूल उड़ती रहती है। धूल के कारण राहगीर और वाहन चालकों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। सेहत के नजरिए से भी लोगों की मुश्किल बढ़ रही है। सांस के जरिए शरीर में जा रही धूल से स्वास्थ्य संबंधी मामले भी बढ़ रहे हैं। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारी और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की है, लेकिन इसके बाद भी समस्या का निराकरण नहीं किया जा रहा है।

पुल निर्माण ने सुरक्षा मानकों की अनदेशी

बिनगंगा नदी पर पुराने पुल के बगल में भी नए पुल निर्माण के लिए खोदाई कर निर्माण कार्य शुरू किया है। पर ठेका कंपनी द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। वहाँ किसी प्रकार का सूचना बोर्ड या सुरक्षा मानक नही लगाया गया है। ऐसे में यहां हर समय गंभीर हादसे का भी संभावना बनी रहती है। नाली निर्माण में घटिया क्वालिटी सीमेंट का उपयोग धड़ल्ले से किया गया है, जिससे सड़क निर्माण के पहले की नाली जगह- जगह दरार पड़ने और टूटने लगी है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने इसे किसी अन्य व्यक्ति को पेटी पर दे दिया है जिसके चलते यहां मनमानी चल रहा है। पेटी ठेकेदार अधिक कमाई के चक्कर में गुणवत्ता विहीन कार्य करवा रहा है।

शिकायत करने पर ध्यान नहीं देते अधिकारी

नियमानुसार इन सड़कों को बनाने से पहले जीरो पाइंट पर सड़क के संबंधित सूचना पटल लगाना अनिवार्य है, जिसमें सड़क से संबंधित समस्त जानकारियां अंकित भी होनी चाहिए एवं उस सूचना पटल का भी पांच वर्षों तक उस स्थान पर रहना आवश्यक है, किंतु इन सड़कों को बनाने के पूर्व न तो जानकारी के लिए कोई बोर्ड लगाया गया है और न ही इन सड़कों का नाम अंकित किया गया है। सड़कों के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश करने पर विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस विषय पर बात नहीं करना चाहते। ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद भी विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इन सड़कों के विषय में कोई कार्यवाही नहीं की जाती।

अधिकारियों को भेजकर दिखवाता हूं,,,

विजय कुमार भारती ईई, पीडब्ल्यूडी| उधर वही दौरान नहीं हो पाया है। फोटो वॉट्सएप में भेजिए, अधिकारियों को भेजकर दिखवाता हूं। मामले में एसडीओ ज्योतिष तिग्गा को भी फोन लगाया गया पर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

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