
बलरामपुर। जिले के जमुआटाड़ क्षेत्र में आधा दर्जन गांवों पर मंडराया था खतरा, देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन।
बलरामपुर जिले के जमुआटाड़ गांव स्थित सकेतवा डैम रविवार देर रात अचानक टूटने की कगार पर पहुंच गया, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। डैम के किनारे बसे आधा दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा। ग्रामीणों की सूचना पर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव रात ही दल बल के साथ मौके पर तत्काल पहुंचे और हालात का जायजा लेते हुए राहत कार्य शुरू करवाया,और रात में ही प्रशाशन को सूचना दी गई।

धीरज सिंह देव के नेतृत्व में तत्काल डैम से सटे घरों को खाली कराया गया। ग्रामीणों और उनके मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। तत्पश्चात जिला प्रशासन को स्थिति की जानकारी दी गई, जिसके बाद प्रशासनिक अमला, एसडीआरएफ की टीम और जेसीबी मशीनें रात में ही मौके पर पहुंच गईं।

रात 9 बजे से लेकर सुबह 3 बजे तक राहत एवं बचाव कार्य चला। डैम के बगल में गहरी खुदाई कर पानी की निकासी की गई, जिससे डैम पर बना दबाव कम हुआ और स्थिति नियंत्रण में आई जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और धीरज सिंह देव सहित प्रशासनिक टीम का आभार व्यक्त किया।स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते यह कार्रवाई नहीं होती, तो डैम टूटने की स्थिति में भारी जान-माल और फसलों का नुकसान तय था।
हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि डैम की तकनीकी जांच कर स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।



