November 5, 2026 |

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नौकरी लगवाने के नाम पर भांजा ने ठगा 2 लाख रुपये,भेजा फर्जी नियुक्ति पत्र,गिरफ्तार

बलरामपुर। नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने ही रिश्तेदार से लाखों रुपये की ठगी करने और फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने के मामले में थाना चलगली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित का सगा रिश्तेदार (भांजा) ही निकला।

​पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी रामऔतार पिता संजीवन राम (उम्र 29 वर्ष), निवासी थाना चलगली ने 10 सितंबर को थाने में  शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके रिश्ते के भांजे आशीष पिता रामदिल (उम्र 21 वर्ष), निवासी सरस्वतीपुर (चौकी रनहत) ने नौकरी दिलवाने और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कराने का झांसा दिया। आरोपी पहले घर आकर जरूरी दस्तावेज और 50,000 रुपये नकद ले गया।

​इसके बाद आरोपी ने फिनो पेमेंट बैंक का बारकोड भेजकर फोन-पे के जरिए अलग-अलग किस्तों में हजारों रुपये ट्रांसफर करवाए। विश्वास जीतने के लिए शातिर आरोपी ने नोडल अधिकारी के नाम से तैयार एक फर्जी नियुक्ति पत्र (अपॉइंटमेंट लेटर) प्रार्थी के व्हाट्सएप पर भेजा। इसके बाद पासबुक और पैन कार्ड मांगते हुए और भी रकम ऐंठ ली। प्रार्थी ने बैंक ट्रांसफर और नकद मिलाकर कुल 2,02,000 रुपये आरोपी को दिए।

​पैसे लेने के बावजूद जब नौकरी नहीं लगी और प्रार्थी ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में उसने फोन उठाना बंद कर दिया और घर जाने पर भागने लगा।

​शिकायत पर चलगली पुलिस ने धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने आरोपी आशीष को 19 सितंबर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त वीवो कंपनी का मोबाइल जब्त कर आरोपी को  गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

​इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक कुमार चंदन सिंह, प्रधान आरक्षक विष्णुकांत मिश्रा, साइबर आरक्षक आकाश तिवारी और महिला आरक्षक विनीता यादव की सक्रिय भूमिका रही।

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