
स्कूल, महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा के प्रति लाएं जागरूकता – कलेक्टर
बलरामपुर। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर वर्चुअल रूप से जुड़े रहे। बैठक में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के यातायात प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने हेतु विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
कलेक्टर ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में तुरंत सुधार कार्य कराएं। कलेक्टर ने कहा कि जहां दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है, वहां पर गति नियंत्रण हेतु स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश दिए, ताकि वाहन चालकों को समय रहते सचेत किया जा सके।
कलेक्टर ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को कस्टमाइज्ड एवं नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों के विरुद्ध सघन जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निजी विद्यालयों में स्कूल वाहनों का निरीक्षण करें। कलेक्टर ने निर्देश देते हुए कहा कि वाहन चलाकर विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों की काउंसलिंग करें तथा इस संबंध में अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए। उन्होंने स्कूलों एवं महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर ने संबंधित विभागों को सड़कों के किनारे झाड़ियों की कटाई-छंटाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्षा के कारण जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हैं अथवा कटाव के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत एवं सुधार कार्य शीघ्र कराएं। साथ ही सड़कों पर आवश्यक साइन बोर्ड अन्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।
कलेक्टर ने पिकअप वाहनों में सवारियों के परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्री परिवहन के लिए मालवाहक वाहनों का उपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसे वाहनों के विरुद्ध नियमित जांच अभियान चलाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। कलेक्टर ने पशुओं से होने वाले सड़क दुर्घटनाओं के लिए सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं के उचित प्रबंधन के लिए आवश्यक निर्देश भी दिये।
इस दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा जिले में सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था एवं दुर्घटना नियंत्रण के लिए की जा रही कार्रवाई तथा यातायात संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। इस दौरान ई-डार एवं पीएम राहत से संबंधित प्रकरणों की क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। साथ ही प्रभावी संचालन करने के संबंध में आवश्यक जानकारी से अवगत कराया गया तथा सड़क सुरक्षा मित्र, राहगीर योजना की भी जानकारी साझा की गई।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया, प्रमोद गुप्ता सहित समिति के सभी सदस्यगण उपस्थित रहे।



