
राजपुर। भाजपा मंडल अध्यक्ष बरियों, जितेंद्र जायसवाल ने ग्राम पंचायत बरियों के सचिव नरेंद्र जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जनपद सीईओ के माध्यम से शिकायत सौंपी है।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव का व्यवहार विवादित है और वे अक्सर ग्रामीणों के साथ विवाद करते रहते हैं। साथ ही, वे नियमित रूप से पंचायत कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते, जिससे आम नागरिकों के कार्य समय पर नहीं हो पाते और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
आरोप यह भी है कि सचिव विकास कार्यों की बजाय ठेकेदारी कार्यों में अधिक रुचि लेते हैं और केवल निर्माण कार्यों के दौरान ही पंचायत में दिखाई देते हैं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि कई निर्माण कार्य निम्न स्तर के हैं, जिससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है।
ग्रामीणों के विरोध करने पर सचिव द्वारा अभद्र भाषा के उपयोग का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही जनप्रतिनिधियों के प्रति उनके व्यवहार को भी असम्मानजनक बताया गया है, जिससे पंचायत कार्यों में समन्वय की कमी हो रही है।
मंडल अध्यक्ष ने मांग की है कि सचिव नरेंद्र जायसवाल को ग्राम पंचायत बरियों से तत्काल हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए, ताकि पंचायत व्यवस्था में सुधार हो सके।

इस मामले में पंचायत सचिव नरेंद्र जायसवाल ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मंडल अध्यक्ष द्वारा अपूर्ण सीएससी सेंटर को पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपूर्ण भवन को पूर्ण कराने की बात कही, तो उन्हें हटवाने की धमकी दी गई।
सचिव का कहना है कि उनके विरुद्ध की गई शिकायत भ्रामक है और उनके कार्य एवं व्यवहार के संबंध में पंचायत के पंच-सरपंच से जानकारी ली जा सकती है।
इस संबंध में जनपद सीईओ संजय दुबे ने बताया कि शिकायत की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर जिला स्तर पर आगे की कार्रवाई हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा।



