November 5, 2026 |

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भीषण गर्मी में लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी,,,लक्षण दिखने पर तुरंत उपचार कराएं…

बलरामपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में भीषण गर्मी एवं लू से बचाव और प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा ने आमजन से अपील की है कि लू के प्रति सतर्क रहें तथा इसके लक्षणों की पहचान कर समय पर आवश्यक उपाय करें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
        मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि लू लगने के प्रमुख लक्षणों में सिर में भारीपन और दर्द, तेज बुखार के साथ मुंह सूखना, चक्कर एवं उल्टी आना, शरीर में कमजोरी व दर्द, अधिक तापमान के बावजूद पसीना न आना, अत्यधिक प्यास लगना, पेशाब कम आना, भूख कम लगना तथा बेहोशी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि तेज धूप और अधिक गर्मी में लंबे समय तक रहने से शरीर में पानी और आवश्यक खनिज, विशेष रूप से नमक की कमी हो जाती है, जिससे लू लगने की संभावना बढ़ जाती है।
        लू से बचाव के लिए आमजन को सलाह दी गई है कि अत्यावश्यक न हो तो दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें। धूप में निकलते समय सिर और कान को कपड़े से ढककर रखें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। गर्मी के मौसम में हल्के, ढीले एवं सूती कपड़े पहनें, जिससे शरीर को ठंडक मिल सके। अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस घोल का सेवन करें। चक्कर या मितली आने पर तुरंत छायादार स्थान पर विश्राम करें तथा ठंडे पेय, फल का रस, लस्सी या मठा का सेवन करें। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क परामर्श लिया जा सकता है। लू लगने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के रूप में मरीज के सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें, उसे अधिक मात्रा में पानी व तरल पदार्थ पिलाएं और शीघ्र ही नजदीकी स्वास्थ्य संस्था या अस्पताल में उपचार के लिए ले जाएं। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि सावधानी बरतें और दूसरों को भी लू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करें।

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