September 20, 2026 |

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एक अप्रैल से वीबी जी राम जी योजना का शुभारंभ,,,किसान मोर्चा गाँवों में चौपाल के माध्यम से देगी योजना की जानकारी…

बलरामपुर। पूरे प्रदेश में एक अप्रैल से मनरेगा योजना के जगह अब वीबी जी राम जी लागू होने जा रहा है। इस अवसर पर बलरामपुर जिले के किसान मोर्चा ने इस योजना की जानकारी ग्रामीणों को देने जिले के सभी मंडलो के गाँवो में चौपाल लगाकर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

    एक अप्रैल से वीबी जी राम जी  योजना की शुरुआत होना जा रहा है। इस योजना के शुभारंभ पर बलरामपुर जिले के किसान मोर्चा द्वारा जिले के करीब 300 गांवों में अपना चौपाल कार्यक्रम आयोजित की जाएगी है।किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने बताया कि चौपाल कार्यक्रम के माध्यम से गाँव के लोगो को वीबी जी राम जी योजना का प्रचार प्रसार किया जाएगा और मजदूरों का सम्मान भी किया जाएगा।

       यह नई योजना मजदूरों के लिए नई सौगात लेकर आ रहा है।सरकार ने इसके ढांचे और सुविधाओं में भी बड़े सुधार किए हैं।​इस योजना के तहत रोजगार गारंटी 100 दिन से बढ़कर अब 125 दिन करने जा रही है।​पहले मनरेगा के तहत एक परिवार को साल में कम से कम 100 दिन के काम की गारंटी मिलती थी। नए कानून के तहत अब हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। यानी मजदूरों को अब 25 दिन का अतिरिक्त काम और पैसा मिलेगा।मजदूरों को अब मजदूरी का भुगतान के लिए अब लंबा इंतजार​ नहीं करना पड़ेगा। पहले पैसों के भुगतान में अक्सर 15 दिन या उससे ज्यादा की देरी हो जाती थी।​अब नए नियमों के अनुसार, मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक (Weekly) आधार पर करने का प्रयास किया जाएगा। किसी भी हाल में काम खत्म होने के 15 दिनों के भीतर पैसा खाते में आ जाएगा।​ इस योजना में कृषि सीजन के लिए विशेष प्रावधान ​और बदलाव देखने को मिलेगा। खेती के व्यस्त समय (बुवाई और कटाई) के दौरान गांवों में मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए सरकार साल में अधिकतम 60 दिनों का ‘नो-वर्क पीरियड’ घोषित कर सकती है। इसका फायदा यह होगा कि किसानों को मजदूरी मिलेंगे और मजदूरों को भी खेती के काम में बेहतर कमाई का मौका मिलेगा। बाकी 305 दिनों में वे अपने 125 दिन का कोटा पूरा कर सकेंगे।​ इस योजना के तहत पारदर्शी हाजिरी लागू की जाएगी।चेहरा स्कैन (Face Auth) तकनीक​ में बदलाव और बिचौलियों और फर्जी हाजिरी को रोकने के लिए अब Mobile Monitoring System (NMMS) के जरिए ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (चेहरा स्कैन) अनिवार्य किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जो काम कर रहा है, पैसा सीधे उसी के खाते में जाए।​ बजट और फंड शेयरिंग (60:40 का नया अनुपात)​ देखने को मिलेगा। पहले मजदूरी का पूरा पैसा केंद्र देता था अब केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में खर्च बांटा जाएगा। इससे राज्य सरकारें भी योजना की निगरानी और जवाब देही में ज्यादा सक्रिय होगी।

        मजदूरों के लिए यह महत्वपूर्ण  इसलिए है कि ​यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों में ‘राम राज्य’ की परिकल्पना और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर लाया गया है। 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार मिलने से गरीब परिवारों की सालाना आय में 8,000 से 10,000 रुपये तक की वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही, जल संरक्षण और टिकाऊ संपत्तियों (जैसे पक्की सड़कें, तालाब) के निर्माण पर जोर देने से गांवों का नक्शा बदलेगा।

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