July 22, 2026 |

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कृषि विज्ञान केन्द्र में मधुमक्खी पालन पर प्रशिक्षण संपन्न

बलरामपुर, 05 फरवरी। कृषि विज्ञान केन्द्र बलरामपुर में 04 एवं 05 फरवरी 2026 को कृषि विभाग एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों तथा तकनीकी स्टाफ के लिए मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन योजना अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में मधुमक्खी पालन को वैज्ञानिक पद्धति से अपनाने, गुणवत्ता युक्त शहद उत्पादन को बढ़ावा देने तथा किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र के डॉ. जी. के. निगम ने बताया कि मधुमक्खी पालन एक कृषि आधारित लाभकारी व्यवसाय है। बलरामपुर जिले की जलवायु एवं पर्यावरण मधुमक्खी पालन के लिए अत्यंत अनुकूल है, जिससे यह व्यवसाय लघु एवं सीमांत किसानों के लिए आय वृद्धि की अपार संभावनाएं प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन कम पूंजी एवं कम श्रम में प्रारंभ होने वाला व्यवसाय है, जिसे कृषक खेती के साथ-साथ आसानी से अपना सकते हैं।


        प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक वैज्ञानिक अनिल कुमार सोनपाकर एवं वैज्ञानिक श्रीमती आरती कुजूर द्वारा मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन की आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि मधुमक्खी पालन से केवल शहद ही नहीं, बल्कि मोम, रॉयल जेली, प्रोपोलिस जैसे अन्य मूल्यवान उत्पाद भी प्राप्त होते हैं, जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है। उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. परमेश्वर ने बताया कि किसान यदि पारंपरिक खेती के साथ-साथ मधुमक्खी पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाते हैं, तो वे अपनी आय में 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकते हैं।
         डॉ. अनुप कुमार पॉल ने मधुमक्खी पालन की प्रक्रिया एवं फसल उत्पादन में इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. इंद्रपाल सिंह पैकरा एवं डॉ. अमीना अनिसा एक्का द्वारा मधुमक्खी पालन व्यवसाय को प्रारंभ करने हेतु कम लागत में 5 से 10 मधुमक्खी पेटियों के माध्यम से व्यवसाय शुरू करने का तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में कार्यक्रम सहायक देवेन्द्र कुमार, अर्पण खलखो सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी एवं तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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