
बलरामपुर। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले में मंगलवार को जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने खूब तैयारी की परंतु इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन पत्रकारों को समेटने में नाकाम रहा।जिले में हो रहे इतने बड़े उत्सव को लेकर किसी भी पत्रकार को आमंत्रण नही दिया गया।पुरे छत्तीसगढ़ में राज्य स्थापना को लेकर भव्य कार्यक्रम किया जा रहा है परंतु इतने बड़े आयोजन होने के बाद भी पत्रकारों को अनदेखा किया गया और इसी बात को लेकर बलरामपुर जिले के पत्रकारों में काफी नराजगी देखी गई और सभी पत्रकार कार्यक्रम स्थल में पहुँचकर कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया।

एक नवम्बर को छत्तीसगढ़ स्थापना को लेकर प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में उत्सव मनाया जाता है।इस वर्ष मुख्यमंत्री के आदेश के तहत सभी जिलों में एक नवम्बर से पाँच नवम्बर तक राज्य स्थापना दिवस मनाया जाना था इसके लिए अभी शासकीय कार्यालयों में लाइटिंग की व्यवस्था की जानी थी।पाँच नवम्बर को जिले स्तर पर छत्तीसगढ़ स्थापना को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित की जानी थी।बलरामपुर जिले में भी इसी राज्योत्सव को लेकर कन्या हाई स्कूल मैदान बलरामपुर में कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई। परंतु जिले में हो रहे इतने बड़े कार्यक्रम को लेकर जिले के किसी भी पत्रकारों को जिला प्रशासन ने न तो कोई सूचना दी गई और न ही कोई आमंत्रण भेजा गया जिससे जिले के पत्रकारों में भारी नाराजगी देखी गई और इसका नतीजा यह रहा कि जब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े मंच पर पहुंची तो नाराज पत्रकारों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया और वह कार्यक्रम स्थल से उठकर वहां से चले गए। इस दौरान जिला प्रशासन की खूब किरकिरी हुई।वहीँ यह अब चर्चा का विषय हो गया है कि आखिर पत्रकार नाराज क्यों हो गए?बहरहाल नाराज पत्रकारों को प्रशासन मनाने में कैसे सफल होता है और मंत्री महोदया क्या रुख अपनाती हैं यह देखने वाली बात होगी।



