
राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में बकसपुर रोड में वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा शराब पीने को लेकर मना करने पर नशे में धुत शराबियों ने दिनदहाड़े शराब के नशे में वन विभाग के कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इस घटना में वनरक्षक राजपुर सागौन बीट प्रभारी के चेहरे सर व कनपटी में गंभीर चोटे आई है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

जानकारी के अनुसार विगत दो दिनों से वन विभाग के कर्मचारी समय लाल अनूप गिरधारी रामलखन राजेश रोदा सेमरा बकसपुर रोड में बीट क्रमांक पी 2758 में ट्रांजैक्ट लाइन की तैयारी कर रहे थे। वन विभाग के कर्मचारी रविवार सुबह 6:00 बजे से ही राजपुर से बकसपुर जाने वाले सड़क के बीच में पढ़ने वाले सागौन जंगल में ट्रांजैक्ट लाइन की तैयारी कर रहे थे। दोपहर करीब 1:30 से 2 बजे के बीच वनरक्षक राजपुर सागौन बीट प्रभारी प्रमिट एक्का अपने मारुति बलेनो क्रमांक CG 15 CT 0384 से सेमरा बकसपुर सड़क में बिट क्रमांक पी 2758 में ट्रांजेक्ट लाइन का तैयारी कर रहे कर्मचारियों से जानकारी लेने पहुँचे थे जहाँ पहले से आरोपी ग्राम दरकी थाना शंकरगढ़ निवासी संतोष पिता अन्नू उराँव अपने दो दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल सड़क किनारे खड़ी कर जंगल के किनारे उक्त जगह पर शराब पी रहे थे।वन रक्षक प्रमिट एक्का ने वहाँ पहुँचकर उन्हें जब अन्यत्र जाकर शराब पीने की बात कही तो तीनों युवक भड़क गए जिसके बाद तीनों नशे में धुत शराबी यूवको ने वन रक्षक प्रमिट एक्का को गाली गलौच करते हुए पत्थरों से हमला कर दिया। तीनों शराबी युवक यहीं तक नहीं रुके उन्होंने प्रमिट एक्का के मारुति बलेनो में भी पत्थरों से हमला करते हुए आगे एवं पीछे के शिक्षा तोड़ दिए एवं वाहन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना में प्रमीट एक्का को चेहरे एवँ दोनों कनपटी के पास गंभीर चोटें आई है। घटना के बाद भागते समय आरोपियों का एक मोबाइल घटना स्थल पर गिर गया जिसे वन विभाग ने पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा राजपुर थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं राजपुर पुलिस मोबाईल के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त कर ली है और तीनो शराबी आरोपियों के धरपकड़ में जुट गई है।

गौरतलब है कि राजपुर से सेमरा बकसपुर जाने वाले उक्त सड़क पर दिन हो या शाम अक्सर शराबियों का जमावड़ा बना रहता है और आये दिन शराबी शराब के नशे में इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं। शराबीयों द्वारा उक्त सड़क पर पड़ने वाले शासकीय शराब दुकान से शराब खरीदतें हैं और उक्त जंगल में शराब का सेवन करते हैं।




