निजी स्कूल में पढ़ने वाली 6 वीं की छात्रा ने की आत्महत्या,,,सुसाइड नोट में शिक्षक पर लगाया प्रताड़ना का आरोप…

अम्बिकापुर। एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा 6 वीं सेक्शन डी में पढ़ने वाली छात्रा ने बीती रात अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।आत्महत्या से पहले छात्रा ने सुसाइड नोट में स्कूल की एक शिक्षिका पर प्रताडि़त करने एवं कक्षा में अपमानित करने का आरोप लगाया है।छात्रा द्वारा स्कूल में प्रताड़ना के बाद आत्महत्या कर लिए जाने के बाद अभिभावकों में काफी आक्रोश है।सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

जानकारी के मुताबिक दर्रीपारा निवासी 12 वर्षीय अर्चिशा सिन्हा कार्मेल स्कूल में कक्षा छठवीं में अध्ययनरत थी। वह पढ़ने में मेधावी थी। छात्रा ने बीती रात 11 बजे अपने घर में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उसने कार्मेल स्कूल की शिक्षिकाओं पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। शिक्षिका ने उसका व अन्य दोस्तों का आईडी कार्ड छीन लिया था।
आत्महत्या करने से पहले छात्रा ने सुसाइड नोट भी लिखा है। बताया जाता है कि छात्रा ने कार्मेल स्कूल की दो शिक्षिका पर प्रताड़ित करने, क्लास में अपमानित करने का आरोप लगाया है। जानकारी मिली है कि पनिशमेंट और अपमान से छुब्ध मृतक छात्रा ने एक व्हाट्सएप ग्रुप में भी ऐसा मैसेज अपने साथियों को भेजा है।

छात्रा के पिता आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि सुसाइड नोट में छात्रा ने लिखा है कि मंगलवार को कार्मेल स्कूल की सिस्टर मर्सी ने उसका एवं उसके एक दो दोस्तों का आईडी कार्ड छीन लिया था। इंग्लिश में लिखे पत्र में उसने स्नैचिंग वर्ड लिखा है। वह बहुत ज्यादा प्रताड़ित करती थी। एक ही रास्ता बचा है मरने का। मरकर मैं रेवेंज लूंगी। वह बहुत बुरी है एवं डेंजरस है। उसने कक्षा 6 डी के सहपाठियों के ग्रुप में भी इस संबंध में लिखा है। उन्हें बच्चों के सामने अपमानित किया गया था।
छात्रा के पिता आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि वे रायपुर में थे। बीती शाम अर्चिशा ने उन्हें वीडियो कॉल किया था। उसने पूरी बात की, लेकिन यह नहीं बताया कि ऐसी घटना हुई है। छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरे दोस्तों को प्रताड़ित न करें। पिता ने आरोप लगाया है कि कार्मेल स्कूल के सिस्टर मर्सी एवं सिस्टर जीवा बच्चों को टार्चर करते हैं। बच्चों के पालक यदि शिकायत करते हैं तो दूसरे दिन बच्चों को प्रताड़ित किया जाता है, उन्हें मारा जाता है। इसलिए बच्चे पालकों को नहीं बताते।
बताया जा रहा है कि छात्रा अर्चिशा सिन्हा पढ़ाई में काफी होनहार थी, वह अपनी कक्षा में टॉपर भी रह चुकी है। वह अपने माता-पिता की एकलौती संतान थी। बुधवार की सुबह जब माता-पिता उठे और बेटी के कमरे में जाकर देखा तो उसका शव पंखे से लटक रहा था।सूचना पर एएसपी पुपलेश कुमार, अंबिकापुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतरवाकर पीएम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया।

अभिभावकों ने किया हंगामा :-
छात्रा की मौत के बाद अभिभावक संघ ने जिम्मेदार लोगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी कार्यालय के सामने धरना दिया। सरगुजा एसपी विजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और अभिभावक संघ के पदाधिकारियों से चर्चा की। एसपी ने कहा कि शाम तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, इसका अभिभावक भरोसा रखें।
जाँच में पहुँचे अधिकारी :-
घटना के बाद जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे एवं अन्य अधिकारी भी कार्मेल स्कूल पहुंचे एवं पूछताछ की। अभिभावक संघ ने डीईओ से चर्चा की एवं कहा कि डीईओ कार्यालय में कई शिकायतों के बाद भी एक्शन नहीं होता। अभिभावक शिकायतों से थककर सिर्फ अपने बच्चों को समझाने लगते हैं, जिसके परिणाम स्वरूप अब आत्महत्या जैसी घटनाएं सामने आने लगी हैं। कोई मानीटरिंग टीम भी नहीं बनाई गई है। ऐसी स्थिति में अभिभावक संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है।



