
राजपुर/बरियों। राजस्व अभिलेखों में छेडछाड़ कूटरचना कर बगैर कोई वैधानिक आदेश के राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज करा लिये जाने पर नायब तहसीलदार के रिपोर्ट पर बरियों पुलिस में मामला दर्ज करते हुए दो आरोपियों को जेल भेज दिया है जबकि उक्त मामले में अन्य आरोपी फरार हैं।
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि नरेन्द्र कुमार कंवर, नायब तहसीलदार उप तहसील बरियों, चौकी बरियों, थाना राजपुर, द्वारा लिखित रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि न्यायालय कलेक्टर बलरामपुर के पक्षकार शासन प्रति इसराईल वगैरह निवासी आरा में आवेदक शिकायतकर्ता विरेन्द्र गुप्ता एवं अन्य ग्रामवासी ग्राम पंचायत आरा तहसील राजपुर द्वारा अनावेदक मो० इकबाल के द्वारा पट्टे से प्राप्त भूमि को अधिकार अभिलेख में छेड़-छाड़ (कूटरचना) कर ग्रामवासियों को परेशान करने संबंधी शिकायत के संबंध में कलेक्टर बलरामपुर के आदेश दिनांक 29.08.2024 के माध्यम से गठित संयुक्त जांच दल के द्वारा ग्राम आरा के राजस्व अभिलेखों का विस्तृत जांच प्रतिवेदन से सहमत होकर ग्राम आरा तहसील राजपुर जिला बलरामपुर के अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 के खाता क्रमांक-117, खाता क्रमांक-131, खाता क्रमांक-158, खाता क्रमांक 35, खाता क्रमांक – 164, खाता क्रमांक-112, खाता क्रमांक 118, खाता क्रमांक 37 पृथक-पृथक नाम पर की गई है।
प्रविष्टि अवैधानिक एवं बिना सक्षम अधिकारी के आदेश तथा कूटरचना कर राजस्व अभिलेखों में प्रवृष्टि कर दी गई है। रिपोर्ट पर अनावेदकगण कमरूद्दीन अंसारी पिता मोहिउदीन अंसारी उम्र 62 वर्ष निवासी कुन्दीकला थाना लुण्ड्रा जिला सरगुजा एवं मुमताज जुलाहा पिता सुलेमान उम्र 45 वर्ष आरा बरियो थाना राजपुर, वर्तमान पता ग्राम गंगापुर थाना मणिपुर जिला सरगुजा एवं अन्य 09 सभी निवासी ग्राम आरा चौकी बरियो तहसील राजपुर के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।
विवेचना के प्रारंभिक चरण में आरोपी कमरूदीन अंसारी पिता मोहिउदीन अंसारी उम्र 62 वर्ष निवासी कुन्दीकला थाना लुण्ड्रा जिला सरगुजा एवँ मुमताज जुलाहा पिजा सुलेमान जुलाहा उम्र 45 वर्ष निवासी आरा चौकी बरियो थाना राजपुर जिला बलरामपुर वर्तमान पता गंगापुर थाना मणिपुर जिला सरगुजा को तलब कर पूछताछ किया गया।
आरोपी कमरूदीन अंसारी अपने कथन में बताया कि सन् 1978-79 में सिंहदेव योजना में पट्टा मिला था जिसका खसरा 899/2/1 रकबा नं. 1.092 हे. भूमि मिली थी, वह जमीन आरा गांव के नहर के नीचे है जिस पर मै पहले खेती करता था बाद में बिफईया और उसके परिवार के लोग जबरजस्ती कब्जा करके खेती करने लगे। जिसका मै सिविल कोर्ट में केस भी किया था। उसी समय मेरे भाईयों का नाम महबूब आलम, अलीमुदीन, समीमुदीन का नाम सीताराम पटवारी के द्वारा सहमति से चढवाया गया था और सीताराम पटवारी के द्वारा ऋण पुस्तिका बनाकर दिया गया था। लेकिन बिफईया लोग आज तक उसका कब्जा नही छोडे हैं। उस जमीन का वर्तमान में ऑनलाईन राजस्व रिकार्ड नहीं मिल रहा है। वर्तमान में मेरे व मेरे भाईयो के नाम से खसरा नं. 899/20 रकबा 1.092 हे. भूमि है। पूर्व का खसरा नं. 899/2/1 रकबा 1.092 हे है जो भुमि सिर्फ मेरे नाम से था। वर्तमान रिकार्ड में खसरा नं. 899/20 रकबा 1.092 हे. भूमि का नंबर कैसे बदला मुझे जानकारी नही है। खसरा नं. 899/2/1 मुझे जो जमीन मिला था उससे संबंधित कागजात की फोटो कॉपी तथा ऋण पुस्तिका मेरे पास है, उसे बरामद कराया है।
इसी क्रम में आरोपी मुमताज अंसारी ने बताया कि वर्ष 2005 में तिरलोचन पिता जगधारी से खसरा नं. 931/25 रकबा 0.405 हे. जमीन बिक्रय पत्र के माध्यम से दिनांक 26.12.2005 को रजिस्ट्री कराया था और उसके समस्त दस्तावेज उस समय पदस्थ पटवारी रामप्रवेश यादव के द्वारा तैयार किया गया था तथा ऋण पुस्तिका बनाकर बताये थे कि बटांकन में आपको खसरा नं. 931/42 मिला है। तब से मैं उस जमीन का नामांतरण कराकर काबीज होकर खेती कर रहा था। रजिस्ट्री के कागजात मेरे पास है। वर्ष 2023 में मै अपने खाते की भूमि खसरा नं. 931/42 रकबा नं. 0.405 हे. भूमि (जो खसरा नं. 931/25 से मिली है) को ग्राम आरा निवासी मो. इकबाल पिता मो. इजराईल को बिक्रय पत्र के माध्यम से बिकी कर दिया हूं।खरीदी बिकी हेतू प्रस्तावित दस्तावेज खसरा, नक्सा, बी-1, तथा अधिकार अभिलेख, सेटलमेंट का दस्तावेज घोषणा पत्र वगैरह क्रेता इकबाल के द्वारा तैयार कराया गया था, उस समय पूरा दस्तावेज पटवारी अमित बड़ा ही तैयार करके दिया था। मुझे जमीन संबंधी कागजों की ज्यादा जानकारी नही है। पुरा कागजात क्रेता इकबाल पटवारी अमित बड़ा के साथ मिलकर बनवाया था। रजिस्ट्री के बाद रजिस्ट्री संबंधी पूरा दस्तावेज इकबाल ही रख लिया था और उस जमीन पर काबीज होकर खेती कर रहा है। मेरे द्वारा वर्ष 2005 में खरीदी गई जमीन की मूल रजिस्ट्री तथा नामांतरण व अन्य दस्तावेज की फोटो कापी मेरे पास है उसे बरामद कराया है।
प्रकरण की प्रथमिक विवेचना में पाया गया कि आरोपीगणों ने राजस्व अभिलेखों में छेडछाड़ कूटरचना कर बगैर कोई वैधानिक आदेश के राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज करा लिया है। जो गिरफ्तार आरोपियों के विरूद्ध अपराध घटित करना पाये जाने से दिनांक 19.07. 2025 को धारा 318 (4), 338,336 (3), 340 (2), 61,3 (5). भा. न्या.सं. के तहत कमरूदीन अंसारी पिता मोहिउदीन उम्र 62 वर्ष कुन्दीकला थाना लुण्ड्रा सरगुजा एवँ मुमताज जुलाहा पिता सुलेमान उम्र 45 वर्ष आरा बरियो थाना राजपुर, जिला बलरामपुर वर्तमान पता ग्राम गंगापुर थाना मणिपुर जिला सरगुजा को गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण में विवेचना अपूर्ण होने से आरोपीगणों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण के अन्य फरार आरोपियों का पता तलाश जारी है।
इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी उप निरी. रविन्द्र प्रताप सिंह, प्र.आर. प्रदीप यादव, भदेश्वर पैकरा, विजय गुप्ता, बृजभान पैकरा, आर. जगनाथ केराम, सुबोध पैकरा, सुरेन्द्र रवि, रंजित गुप्ता, अनिल एक्का, म.आर. सरिता, चमेली का सक्रिय योगदान रहा।



