
बलरामपुर। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन व महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में जिले में बाल विवाह मुक्त भारत के तहत जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बाल संरक्षण इकाई एवं चाईल्ड हेल्पलाईन के द्वारा शासकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय तातापानी एवं एकलव्य विद्यालय राजपुर में छात्र-छात्राओं को जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई ही नही अपितु कानूनन अपराध भी है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह करने वाले वर एवं वधु के माता-पिता, सगे संबंधी, बाराती यहां तक कि विवाह कराने वाले पुरोहित पर भी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। बाल विवाह के कारण बच्चों में कुपोषण, शिशु मृत्यु दर एवं मातृ-मृत्यु दर के साथ घरेलू हिंसा में भी वृद्धि होती है। समाज में व्याप्त इस बुराई के पूर्णतः उन्मूलन हेतु जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकाय/पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संगठनों, महिला स्व सहायता समूहों, किशोर एवं किशोरी बालिकाओं तथा आमजनों से सहयोग प्राप्त कर इस प्रथा के उन्मूलन हेतु परिणाम मूलक कार्यवाही की जानी है। जिले में कहीं पर भी बाल विवाह होने की सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 व पुलिस हेल्पलाइन 112 में संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।



